नई दिल्ली : बिहार के खगड़िया जिले से डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने सभी को हिला रख दिया है. दरअसल मंगलवार को बिहार के खगड़िया जिले के महेशखुंट इलाके में स्थित एक निजी क्लीनिक में डिलीवरी ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने नवजात का गला काट डाला जिसके चलते मौके पर ही जच्चा और बच्चा की मौत हो गई. इस घटना के बाद परिवार वालों ने डॉक्टर पर रोष प्रकट किया और लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया. साथ ही परिजनों ने हंगामे से एनएच 107 बूरी तरह को जाम कर दिया. इसके बाद जब घटना की सूचना पुलिस तक पहुंची तो उन्होंने मौके पर पहुंच कर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए महेशखूंट स्थित टाटा इमरजेंसी हॉस्पीटल को सील कर दिया गया.

जानकारी के मुताबिक पसराहा थानाक्षेत्र के महदीपुर निवासी अमित कुमार की पत्नी चांदनी देवी को 11 जनवरी को रेफरल अस्पताल में डिलीवरी कराने के लिए लेकर गया था लेकिन बच्चा उल्टा होने के कारण वहां पर तैनात एएनएम ने बेहतर इलाज के लिए महेशखूंट के टाटा इमरजेंसी हॉस्पीटल में डिलीवरी के लिए भेज दिया गया. जहां डॉक्टर ने सर्जरी कर डिलीवरी कराने की बात कही.

वहीं पीड़ित परिजनों का कहना है कि, टाटा इमरजेंसी हॉस्पीटल में डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए लाख रुपये की मांग की, इसके बाद सुबह महिला के डिलीवरी कराने की बात कही, इस बीच पीड़ा बढ़ने पर रात में ही महिला को डिलीवरी के लिए ले जाया गया. इस दौरान बच्चा के शरीर का नीचे का भाग बाहर आ गया था, लेकिन सिर बाहर नहीं आने के कारण नवजात का गला काटकर धर से अलग कर दिया गया, बाद में महिला के पेट का ऑपरेशन कर बच्चे का कटा सिर निकाला गया, ऑपरेशन के कुछ देर के बाद ही महिला की भी मौत हो गई. हालांकि इस बीच डॉक्टरों ने चालाकी दिखाते हुए प्रसूता की हालत गंभीर होने की बात कह रेफर कर दिया और वे लोग महिला को लेकर बेगूसराय के लिए रवाना हो गए. इसी दौरान रास्ते में देखा कि महिला की मौत हो गई है.

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