Wednesday, February 1, 2023
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राजधानी में फिर दूषित हुई हवा, सभी निर्माण कार्यों पर लगी रोक

नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में हवा का स्तर खराब होते जा रहा है. राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के गंभीर स्तर पर पहुंचने के बीच केंद्र की वायु गुणवत्ता आयोग ने रविवार को दिल्ली-एनसीआर में अधिकारियों को चरणबद्ध कार्रवाई कार्य योजना (जीआरएपी) के तीसरे चरण के तहत सभी गैर ज़रूरी निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया है. दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) रविवार को शाम चार बजे 407 दर्ज किया गया.

जीआरएपी कार्य योजना के तहत सभी निजी निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी है, इतना ही नहीं, निर्माण के अलावा, हवाईअड्डा परियोजनाओं, आईएसबीटी परियोजनाओं, रेल सेवाओं या रेल संचालन, मेट्रो परियोजनाओं, राष्ट्रीय सुरक्षा या रक्षा से संबंधित परियोजनाओं, राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित परियोजनाओं को छोड़कर विध्वंस गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है. इस अवधि के दौरान स्वच्छता परियोजनाओं, राजमार्गों, सड़कों, फ्लाईओवर, ओवर ब्रिज, बिजली पारेषण और पाइपलाइन बिछाने की भी इज़ाज़त नहीं दी गई है.

इस दौरान फुटपाथों और रास्तों और केंद्रीय किनारों को पक्का करने समेत सड़क निर्माण पर भी रोक लगा दी गई है, लेकिन निर्माण परियोजनाएं जिनमें नलसाजी कार्य, आंतरिक सजावट, विद्युत कार्य और बढ़ईगीरी से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं उन्हें विशेष परिस्थितियों में अनुमति दी जा सकती है.

क्या है प्रदूषण का मानक ?

बता दें कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा माना जाता है जबकि 51 से 100 के बीच को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, वहीं 201 से 300 को खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच एक्यूआई को गंभीर श्रेणी में माना जाता है. जीआरएपी के इस चरण के तहत, राज्य सरकारों के पास बीएस III पेट्रोल और बीएस IV डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार दिया गया है.

 

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