नई दिल्ली. राशन की डोरस्टेप डिलिवरी की फाइल क्लियर करने और कथित तौर पर हड़ताल कर रहे सरकारी अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की मांग को लेकर एलजी ऑफिस गए सीएम और उनके मंत्रियों के धरने को एलजी अनिल बैजल ने गैरवाजिब करार दिया. एलजी ने इसे बिना किसी कारण के दिए जाने वाले धरनों की कड़ी में एक और धरना बताया है.

फरवरी में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर आप विधायकों के कथित हमले की घटना के बाद से नौकरशाही और केजरीवाल सरकार के बीच तकरार चल रही है. केजरीवाल ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और कैबिनेट सहकर्मी सत्येंद्र जैन तथा गोपाल राय के साथ बैजल से मुलाकात की. उन्होंने अपनी तीन मांगों के स्वीकार होने तक उनके कार्यालय में बैठे रहने का फैसला किया.

केजरीवाल और उनके मंत्रियों ने आईएएस अधिकारियों को हड़ताल खत्म करने का निर्देश देने और चार महीनों से कामकाज रोककर रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने सहित तीन मांगें की हैं. एलजी कार्यालय ने ट्वीट किया कि बेवजह धरना के क्रम में यह आप का एक और प्रदर्शन है. एलजी कार्यालय के बयान में कहा गया है कि मुलाकात में एलजी को मुख्यमंत्री ने धमकी दी. केजरीवाल ने मांग की कि अधिकारियों को फौरन ही राजनिवास में बुलाया जाए और तथाकथित हड़ताल खत्म करने का निर्देश दिया जाए.

एलजी ने कहा कि जब भी अधिकारियों से मेरी बात होती है, तो पता चलता है कि सरकार की तरफ से अभी तक उन्हें ऐसा कोई आश्वासन नहीं मिला है कि उनके सम्मान को कायम रखा जाएगा. सोमवार को भी 3 अफसरों को हाई कोर्ट की शरण में जाना पड़ा. एलजी ने कहा कि सीएम और उनके मंत्रियों ने मेरी बात मानने से इनकार कर दिया. एलजी को अपने पहले से तय दूसरे कार्यक्रमों के लिए जाना था, इसलिए वह अपने ऑफिस से उठकर चले गए.

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