नई दिल्लीः दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को हटाने के लिए शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया गया. जिसे सदन में बहुमत से पास कर दिया गया. चांदनी चौक से विधायक अल्का लांबा द्वारा रखे गए इस प्रस्ताव में अंशु प्रकाश को तुरंत मुख्य सचिव पद से हटाने की मांग की गई. साथ ही यह भी कहा गया कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने सीसीटीवी कैमरे लगाने की मंजूरी 2015 में ही दे दी थी इसके बाद भी क्रियान्वयन में देरी हुई जिसकी जांच जरूरी है. 

वहीं दिल्ली सरकार में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सदन में बताया कि शुक्रवार को मंत्रिमंडल की मीटिंग में एक नोट भेजा गया जिसमें कहा गया है कि दिल्ली में सीसीटीवी लगाने का फैसला जल्दबाजी में लिया गया. जिस पर अल्का लांबा ने अंशु प्रकाश से कहा कि क्या आप पिता नहीं हैं. क्या आपकी बेटी नहीं है. उन्होेंने कहा कि राजधानी में रेप के मामले रोज आ रहे हैं फिर भी सीसीटीवी लगाने के मामले में अड़ंगा लगाया जा रहा है. 

वहीं उन्होंने मसले पर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा उन्होंने कहा कि एक तरफ को मोदी सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देती है लेकिन केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी कहती हैं कि दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगवाना पैसे की बर्बादी जैसा है. उन्होंने आगे कहा कि उपराज्यपाल कहते हैं कि इसकी जरूरत नहीं है. जबकि सुप्रीम कोर्ट यह साफ कर चुकी है कि सीसीटीवी की वजह से अपराध में कमी आई है और यह बात पुलिस भी जानती है. 

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