देवबंद. देश में कोरोना महामारी और लॉकडाउ के बीच ईद की नमाज को लेकर उत्तर प्रदेश के दारुल उलूम देवबंद मदरसे ने फतवा जारी किया जिसमें कहा गया कि शासन-प्रशासन के निर्देशों को मानते हुए ईद की नमाज भी जुमे की तरह घर पर अदा करें. फतवे में आगे कहा गया कि अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति मजबूरी में नमाज न अदा कर पाए तो उसकी ईद की नमाज माफ होगी. बता दें कि 25 मई को ईद उल फितर का त्योहार मनाया जाएगा.

गौरतलब है कि दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने दारुल इफ्ता यानी मदरसे के फतवा विभाग में लॉकडाउन में ईद की नामज को लेकर सवाल किए थे. जिस पर मुफ्ती-ए-आजम हबीबुर्रहमान आजमी, मौलाना जैनुल इस्लाम कासमी आदि मुफ्तियों की खंडपीठ ने जवाब दिया और कहा कि ईद उल फितर की नमाज हर मुस्लिम व्यक्ति पर वाजिब है और इसकी भी वही शर्तें हैं जो जुमे की नमाज की हैं.

खडंपीठ ने कहा कि अगर ईद उल फितर के त्योहार तक लॉकडाउन जारी रहता है और मस्जिदों में पांच लोगों से ज्यादा की नमाज की इजाजत नहीं मिलती है तो घर पर जुमे की नमाज की तरह ही ईद की नमाज अदा करें. मुफ्तियों ने बताया कि जिस व्यक्ति की कोई जरूरी मजबूरी है उनपर नमाज माफ होगी. साथ ही जो ईद की नमाज घर पर अदा कर रहे हैं वे सुबह फजर की नमाज से एक घंटा बाद दो या चार रकात की चाश्त की नमाज अदा करें.

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