तिरुवनंतपुरम: यौन शोषण के आरोपियों का बचाव करना एक बड़ा मुद्दा रहा है. ऐसा ही नजारा केरल में देखने को मिला जब केरल महिला आयोग की अध्यक्ष यौन शोषण के आरोपों में घिरे विधायक का बचाव करती नजर आईं. केरल महिला आयोग की अध्यक्ष एमसी जोसेफन ने विधायक पर लगे आरोपों पर कहा कि इसमें कुछ नया नहीं है, हम सब इंसान हैं और ऐसी गलतियां हो जाती हैं, पार्टी में मौजूद लोग भी ऐसी गलतियां कर देते हैं.

जोसेफिन ने ये बातें माकपा विधायक पीके सासी के बचाव में कहीं जिनपर डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) की एक महिला नेता ने यौन शोषण का आरोप लगाया है. माकपा ने पीके सासी पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच शुरू कर दी है. वहीं, राज्य महिला आयोग का कहना है कि पीड़िता ने महिला आयोग में शिकायत दर्ज नहीं कराई है इसलिए वह इस मामले में दखल नहीं दे सकता.

एमसी जोसेफिन ने कहा कि हमारे पास इस मामले की कोई जानकारी नहीं है. ऐसे में हम बिना जानकारी के कैसे मामला दर्ज कर सकते हैं? पुलिस जांच के मामले पर जोसेफिन ने कहा कि मार्क्सवादी पार्टी के पास इन शिकायतों से निपटने का अपना सिस्टम होगा. यह पार्टी पर ही निर्भर करता है कि वह ऐसे मामलों से कैसे निपटती है. माकपा अपने शुरुआती दिनों से ही ऐसे मामलों से निपटती आई है. लेकिन महिला आयोग तक अभी कोई शिकायत नहीं पहुंची है.

केरल के बीजेपी सांसद वी मुरलीधरन ने इस मामले पर महिला आयोग ‘मूक दर्शक’ बताया. बता दें कि महिला ने 14 अगस्त को सीपीआई (एम) पोलित ब्यूरो की सदस्य ब्रिंदा करात को शिकायती पत्र भेजा था. इसके अलावा पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी को भी शिकायती पत्र की कॉपी मेल की थी. वहीं आरोपी विधायक ने इसे बदनाम करने की साजिश बताया है.

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