July 17, 2024
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रीति-रिवाज के साथ किया गाय का दाह संस्कार, फूट-फूटकर रोते दिखे लोग

भोपाल: देश में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है. बच्चे के जन्म के कुछ दिनों बाद उसे गाय का ही दूध दिया जाता है. ऐसा पाया गया है कि गाय के दूध मां के दूध जैसा ही होता है. इसलिए गाय को मां कहा जाता है. हालांकि देश में जब गाय दूध देना बंद कर देती है तो कुछ लालची लोग उसे कसाई के हाथों बेच देते हैं, लेकिन देश में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो गाय की मौत के बाद कुछ ऐसे काम कर जाते हैं, जिसकी चर्चा खूब होने लगती है.

हाल ही में मध्य प्रदेश के धार के बालोदा गांव से दिल जीत लेने वाला मामला सामने आया, यहां एक गौशाला में गाय की मौत होने के बाद उसका अंतिम संस्कार रीति-रिवाज के साथ किया गया. इस नजारे को देख सभी इमोशनल हो गए. अंतिम यात्रा में बैंड बाजा भी बजवाया गया, जिसके बाद गाय को श्मशान में ले जाकर अग्नि के हवाले कर दिया गया.

पेश की मिसाल

आपको बता दें कि साल 2007 में बालोदा गांव के श्री निर्मोही गौशाला में कपिला गाय को लाया गया था, तब उसकी उम्र डेढ़ साल थी. अब जब गाय माता शांत हुई तो गौशाला के अध्यक्ष और गांव वालों ने मिलकर उसकी अंतिम यात्रा निकाली. पूरे गांव वालों ने अंतिम यात्रा में बैंड बाजा बजाया और गाय माता के दर्शन किए. फिर गांव वालों ने गाय माता को अग्नि के हवाले कर दिया गया. इस अंतिम संस्कार के दौरान लोग खूब रो रहे थे.

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