आगरा. कोरोना वायरस का कहर यूपी के आगरा में थमने का नाम नहीं ले रहा. खबर लिखी जाने तक जिले में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 526 और मौत की संख्या 15 पहुंच गई है. कोरोना खौफ के बीच आगरा में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं से हुई 6 मरीजों की मौत का मामला हाईकोर्ट पहुंचा. अधिवक्ता शिवम शर्मा और अभिवक्ता अंकित गोगिया ने विशेष याचिका दायर की जिसमें आगरा के मेयर नवीन जैन के सीएम योगी आदित्यनाथ को 21 अप्रैल में भेजे गए खत का भी हवाला दिया गया.

सीएम योगी को लिखे पत्र में महापौर ने कहा था कि आगरा की हालात बेहद खराब है और डर है कि यह शहर दूसरा वुहान न बन जाए. दूसरी ओर सीएम योगी ने जिले की हालात को देखते हुए और अधिकारियों को वहां तैनात करने का निर्देश दिया है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल पांच पन्नों की याचिका में कहा कि जिले में 6 लोगों की सिर्फ इसलिए जान चली गई क्योंकि उन्हें समय पर उपचार नहीं मिल पाया. याचिका में कहा गया कि जिले में सरकारी अस्पताल कोरोना के अलावा किसी और मरीज का इलाज नहीं कर रहे हैं. वहीं प्राइवेट अस्पताल भी मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे हैं. ऐसे में लोगों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं भी नहीं मिल पा रही हैं.

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेड जोन बन चुके आगरा के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की अतिरिक्त टीम को तैनात करने का निर्देश दिया है. अपर मुख्य सचिव गृह व सूचना अवनीश अवस्थी ने बताया कि सीएम योगी ने जिले में पूल टेस्टिंग में बढ़ोतरी के निर्देश दिए हैं जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच की जा सके.

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 2 हजार 340 पहुंच चुकी हैं, साथ ही 655 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं. प्रदेश में 42 लोगों की जान भी जा चुकी है. हालांकि, सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी में कोरोना को रोकने के लिए काफी बेहतर प्रयास किए हैं लेकिन आगरा, नोएडा समेत कई जिलों की हालात नाजुक बनी है.

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