चंडीगढ़ः महिलाओं के खिलाफ हरियाणा में बढ़ते अपराधों पर लगाम कसने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को कई अहम फैसले लेते हुए राज्य में अपराधियों के खिलाफ कानून कड़े करने की बात कही है. जिसमें बलात्कार या छेड़छाड़ के मामलों में आरोपी व्यक्ति से मामले में फैसला आने तक राज्य सरकार उससे राशन कार्ड सहित तमाम सरकारी सुविधाएं जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, बंदूक का लाइसेंस, वृद्धावस्था या दिव्यांग्ता पेंशन सहित तमाम सरकारी सुविधाएं निलंबित कर दी जाएंगी. इसके साथ ही हरियाणा की खट्टर सरकार ने बलात्कार के मामलों में पीड़िता को वकील की मदद लेने के लिए 22 हजार रुपए की सहायता देने का भी ऐलान किया.

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने पंचकूला में महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में ये बड़ा ऐलान किया इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बलात्कार और छेड़छाड़ के मामले में जांच अधिकारी को अपनी जांच रिपोर्ट घटना से 15 दिन के भीतर जमा करानी होगी. यदि कोई अधिकारी 15 दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट नहीं सौंपता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने बलात्कार के मामलों में न्याय प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के निर्माण की बात कही और जांच अधिकारी द्वारा जांच पूरी करने के तीस दिनों के भीतर कार्रवाई शुरु करने की बात कही.

खट्टर सरकार ने घोषणा की है कि बलात्कार के आरोपी को अगर सजा का ऐलान होता है तो उसे मिल रही तमाम सरकारी सुविधाओं को खत्म कर दिया जाएगा. और इन तमाम सुविधाओं को स्थाई तौर पर आजीवन रद्द कर दिया जाएगा. अगर मामले में वो व्यक्ति निर्दोष साबित होता है तो रद्द की गई सुविधाओं को फिर से बहाल कर दिया जाएगा. इसके साथ ही सीएम खट्टर ने कहा, बलात्कार, छेड़छाड़ या किसी और मामले में किसी भी महिला गवाह को अगली तारीख देकर परेशान नहीं किया जाएगा. जांच अधिकारी की ये जिम्मेदारी होगी की कम से कम तारीखों में उसकी गवाही को दर्ज कराया जाए.

महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक नया कदम उठाते हुए सीएम मनोहर लाल ने दुर्गा शक्ति एप का शुभारंभ किया. इसके साथ ही सीएम खट्टर ने स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के लिए लिए खास तौर पर तैयार किए गए टॉपिक ‘मेरी सुरक्षा-मेरी जिम्मेदारी’ को भी लॉन्च किया. जो अगले शैक्षणिक सत्र स्कूलों में पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा.

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