सीएम केजरीवाल का खुलासा- भाजपा लाना चाहती थी अविश्वास प्रस्ताव लेकिन…

नई दिल्ली : दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने विधासभा में बहुमत साबित करने के लिए विश्वास प्रस्ताव रखा. सीएम केजरीवाल ने कहा कि विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहता थी लेकिन वे 20 फीसदी विधायकों का मानक वो पूरा नहीं कर पाए. इसलिए वे विधानसभा में प्रस्ताव नहीं रख पाये. केजरीवाल ने कहा कि हम विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव रखा जाए ताकि सदन का विश्वास सरकार पर बना रहे.

सीएम ने पेश किया प्रस्ताव

दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने विधानसभा में विश्वास पेश करते हुए कहा कि हमे पता चला कि विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहता थी लेकिन अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए 20 विधायकों का समर्थन चाहिए हालांकि वे हासिल नहीं कर पाए. विपक्ष विधायकों को प्रलोभन दे रहा थी लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो पाए फिर उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव लाने का विचार छोड़ दिया. सीएम केजरीवाल ने कहा कि इसके जवाब मैं विश्वास प्रस्ताव पेश कर रहा हूं. सीएम ने कहा कि विपक्षी दल के विधायक इसमें भाग ले और अपने मुद्दे उठाए.

स्पीकर ने विपक्ष का नोटिस किया अस्वीकार

दिल्ली विधानसभा में नियम 55 के तहत चर्चा कराने को लेकर सरकार और विपक्ष में टकराव हुआ. आम आदमी पार्टी की तरफ से कल आई पी कॉलेज में लड़कियों के साथ हुई छेड़खानी के मामले में चर्चा कराने का नोटिस दिया था. वहीं विपक्ष ने शराब नीति पर चर्चा कराने का नोटिस दिया था. विधानसभा स्पीकर ने सत्ता पक्ष के नोटिस को स्कीकार कर लिया और विपक्ष के नोटिस को अस्वीकार दिया. जिसको लेकर सरकार और विपक्ष में जमकर टकराव हुआ. टकराव इतना बढ़ गया कि विधानसभा अध्यक्ष ने बीजेपी के विधायकों को मार्शल आउट कर दिया.

आई पी कॉलेज में हुई लड़कियों के साथ छेड़खानी मामले में सत्ता पक्ष ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुआ कहा कि हम लोग उपराज्यपाल के यहां धरना प्रदर्शन करेंगे. सत्ता पक्ष के विधायकों ने कहा कि पुलिस आयुक्त को विधानसभा में तलब किया जाए.

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