नई दिल्लीः बुराड़ी में एक परिवार के 11 सदस्यों के फांसीकांड में हर रोज चौंकाने वाला खुलासा हो रहा है. एक तरफ एक साथ 11 मौतों के चलते पूरे इलाके में खौफ का माहौल बना हुआ है तो दूसरी तरफ घर से मिले रजिस्टर हर रोज एक नया खुलासा कर रहे हैं. जिससे ये गुत्थी हर रोज उलझती जा रही है. यहां तक की पूरे मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस भी इस मामले हो रहे खुलासों से हैरान है. मामले की जांच में शुरू से ही इसका मास्टरमाइंड ललित को बताया जा रहा है जिसके एक और नोट से एक और खुलासा हुआ है कि घर के किसी सदस्य ने उस नोट में लिखी बातों को फोलो नहीं किया जिसके चलते घर के निर्माण में देरी हुई और उसी के कारण 33 वर्षीय प्रियंका जो मांगलिक दोष से ग्रस्त थी उसकी शादी की योग भी प्रभावित हो रहे थे. नोट में इस बात का खास तौर पर जिक्र किया है कि घर के किसी एक व्यक्ति के चलते ये सब हुआ है. इसके अलावा उनके पिता के साथ भटकती हुई चार अन्य आत्माओं की मुक्ति की बात भी इस नोट में की गई है जिसके लिए ललित ने पिता सहित पांचों आत्माओं की मुक्ति के लिए ये मौत की साधना का पूरा प्रकरण रचा था.

प्रियंका ललित के माता पिता और परिवार के मुखिया नारायण देवी की पोती थीं. इसके अलावा मृतको में 77 वर्षीय नारायण देवी, उनके दो बेटे भावेश भाटिया (50) और ललित भाटिया (45), क्रमशः उनकी पत्नियां सविता (48) और टीना (42) शामिल हैं, नारायण की बेटी प्रतिभा (57) और पांच पोते, प्रियंका (33), नीतू (25), मोनू (23), ध्रुव (15) और शिवम (15) शामिल थे

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घर से बरामद किए गए नोटों में भी उनके पिता के अलावा चार अन्य ‘घूमने वाली आत्माओं’ का भी जिक्र किया गया है. अपने नोट में ललित ने लिखा था कि वह अपने पिता की आत्मा से मुलाकात करेंगे औ साथ ही वो सारे कार्य करेंगे जो उन्होंने नोट्स में लिखे हुए थे. ललित ने जो नोट लिखा था उसमे लिखा था कि उनके पिता के साथ चार आत्माएं अभी तक घूम रही हैं. यदि आप लोग स्वयं को सुधार लेगें तो इन आत्माओं को मुक्त कर दिया जाएगा. जिसके लिए आप हरिद्वारा में सभी अनुष्ठानों को पूरा कर बाकी सभी आत्माओं को मोक्ष प्राप्त करवा सकते हैं. ये नोट 19 जुलाई 2015 में लिखा गया था.

जिसके बाद पिता सहित पांच भटक रही आत्माओं की मुक्ति के लिए घर में साधना की गई थी. पुलिस को घर से मिले रजिस्टर में लिखे नोट से जानकारी मिली की ललित अपने पिता के अलावा अन्य चार आत्माओं के साथ भी संपर्क में था. और ललित ने अपने पिता के निर्देशों पर ही उस रात सभी आत्माओं की मुक्ति केलिए घर में साधना की थी जिसमें परिवार के सभी 11 लोगों की जान चली गई थी.

पुलिस को घर से मिले रजिस्टर में जो नोट लिखा मिला है उसमें भटकती आत्माओं के जिक्र के साथ इस बात की भी आशंका जताई गई थी की भाटिया परिवार अगली दीवाली नहीं देख पाएगा. मा्मले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतकों में से एक ललित के शरीर में ही कथित तौर पर उसके पिता की आत्मा आती थी. जिसके बाद ललित अपने पिता की तरह व्यवहार करता था.

उसके बाद ललित घर के लोगों से नोट लिखवाया करता था. दिल्ली पुलिस को मिले रजिस्टर में 11 नवंबर , 2017 को लिखा गया एक नोट मिला है जिसमें ललित के परिवार को कुछ हासिल करने में असफल रहने और किसी की गलती का जिक्र किया गया था, नोट में ये बात भी कही गई है कि धनतेरस आकरचली गयी. और किसी की पुरानी गलती की वजह से ही परिवार कुछ प्राप्त करने से दूर है. ऐसा न हो कि तुम लोग अगली दीवाली न मना सको इसलिए चेतावनी को नजरअंदाज करने के बजाय ध्यान दिया जाए.

 

बुराड़ी सामुहिक सुसाइड: बुराड़ी में 11 लोगों की मौत के मामले में सामने आया बीडी वाले बाबा चंद्र प्रकाश पाठक का नाम

बुराड़ी सामुहिक सुसाइड: मांसाहारी होने पर दिनेश और सुजाता को कलयुगी बताती थी ललित के पिता की आत्मा

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App