नई दिल्ली: उत्तराखंड में विधानसभा के दो दिवसिय सत्र का आयोजन किया गया जिसमें करीब 1 करोड़ रुपए का खर्चा होने की बात सामने आई है. आरटीआई के तहत दाखिल एक अर्जी के बाद राज्य की भाजपा सरकार ने यह जानकारी दी है. खबर है कि विधानसभा सत्र के दौरान करीब 30 लाख रुपए तो सिर्फ खान-पान और पुलिस व्यवस्था पर ही खर्च किए गए थे. वहीं सबसे ज्यादा खर्चा सरकार के विधायकों के आवासों की साज-सज्जा और देखबाल पर हुआ है. इसके अलावा सूबे के मंत्रियों के अस्थाई कार्यालय के मद में काफी पैसा खर्च किया गया है. बता दें कि यह सत्र राज्य के गैरसैंण में पिछले साल 7 से 8 दिसंबर में आयोजित किया गया था.

मिली जानकारी के मुताबिक, दो दिन के विधानसभा सत्र के दौरान संचार व्‍यवस्‍था (फोन और मोबाइल फोन आदि पर) पर भी करीब दस लाख रूपए से अधिक खर्चा किया गया है. वहीं लोडिंग-अनलोडिंग और ट्रांसपोर्टेशन पर करीब 74 हजार का खर्च आय. दूसरी तरफ सत्र के दौरान सभी विधानसभा सदस्यों को सम्‍मान स्‍वरूप प्रतीक चिह्न देने पर 23 हजार का खर्चा हुआ था. इसके अलावा कर्मचारियों पर भी करीब 15 हजार रूपए और उससे अधिक का खर्चा आया था. गौरतलब है कि इससे पहले भी एक आरटीआई की अर्जी में राज्य की भाजपा सरकार द्वारा करीब 68 लाख रूपए का खर्च मेहमानों के लिए चाय-पानी में होने की बात सामने आई थी.

दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर विधानसभा सत्र में हुए करोड़ों रूपए के खर्चे को लेकर लोगों ने काफी तीखी प्रतिक्रिया दी हैं. बताते चलें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार ने बीती साल 2017 में 6 से 7 दिसंबर तक गैरसैंण में विधानसभा शीतकालीन सत्र आयोजित किया था. उस समय विपक्ष ने इस सत्र को लेकर आपत्ति जताई थी. वहीं सत्र के दौरान ही 12 विधेयक भी परित किए गए थे.

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