नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल के खिलाफ जहां एक तरफ आज विपक्ष ने भारत बंद बुलाया और दिनभर तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप होते रहे वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने एक ऐसा ग्राफिक्स ट्वीट किया जिससे उसकी किरकिरी हो गई. दरअसल बीजेपी ने तेल की कीमतों की तुलना करते हुए दो इन्फोग्राफिक्स शेयर किए. इन दोनों ग्राफिक्स में यूपीए और एनडीए शासनकाल में पेट्रोल-डीजल की कीमतों की तुलना की गई थी.

पहले ग्रॉफ में पेट्रोल की कीमतों की तुलना की गई थी. पहले बॉक्स में बीजेपी ने बताया कि कैसे 2004 में पेट्रोल 33.71 रुपये था जो 2009 में बढ़कर 40.62 हो गई. इसके बाद साल 2014 में पेट्रोल की कीमत 71.41 हो गई. यहां तक तो ग्राफ ठीक जा रहा था लेकिन सितंबर 2018 का जो ग्राफ बीजेपी ने बनाया उसमें पेट्रोल को 80.73 पर दिखाया लेकिन उसका बॉक्स छोटा बना दिया. ये बॉक्स 2009 की पेट्रोल की कीमतों की तुलना में भी छोटा बनाया गया.

उसी तरह डीजल के दामों को लेकर भी बीजेपी ने ऐसा ही ग्राफिक्स बनाया जिसमें बताया गया कि कैसे 2004 में डीजल की कीमत 21.47 रुपये थी जो 2009 में बढ़कर 30.86 हो गई. इसके बाद 2014 में डीजल की कीमत 56.71 रुपये हो गई. यहां तक ये ग्राफ भी ठीक है लेकिन 2018 में डीजल की कीमत को लेकर जो बॉक्स बीजेपी ने बनाया उसे 2004 वाले बॉक्स से भी छोटा बना दिया. हालांकि कीमत 72.83 ही रखी गई.

बीजेपी के इस ग्राफ की सोशल मीडिया पर जमकर किरकिरी हो रही है. लोग पूछ रहे हैं कि जब तेल की कीमतें बढ़ी हैं तो ग्राफ छोटा कैसे हो गया. ये कौन सा गणित है जिसके जरिए बीजेपी ने ये ग्राफिक्स बनाया है. वहीं विपक्ष को भी बीजेपी ने इस ग्राफ के जरिए उनपर निशाना साधने का मौका दे दिया है. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ही बीजेपी के इस ग्राफ पर जमकर मजे ले रहे हैं.

आम आदमी पार्टी के नेता अंकित लाल ने बीजेपी के इस ट्वीट पर जमकर मजे लिए उन्होंने बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय पर कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि कौन हैं ये लोग, कहाँ से आते हैं? भगवान जाने, ये लोग देश कैसे चलाते हैं.

प्रियशतिमा गुहा ने कहा कि मुझे लगा कि ये कोई फर्जी अकाउंट है. मेरे मैथ्स के टीचर मुझे जरूर डस्टर देकर मारते. ऐसा ही एक ट्वीट सम्राट एक्स ने भी किया. उन्होंने बीजेपी आईटी सेल के लोगों की काल्पनिक बातें लिखी कि ‘सर पेट्रोल के दाम बढ़ गए हैं क्या करें, वो 80 वाला ग्राफ थोड़ा छोटा कर दो.’

लेखक चेतन भगत ने भी बीजेपी के इस ट्वीट पर कटाक्ष किया. उन्होंने लिखा कि क्या ये सेल्फ गोल ट्वीट है? मुझे माफ करें लेकिन ये ग्राफिक्स मुझे समझ नहीं आया. क्या आप मुझे समझा सकते हैं कि पीला वाला बार कीमत ज्यादा होने का बावजूद साइज में छोटा क्यों है?

कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी बीजेपी के उस ग्राफिक्स को ट्वीट कर कहा कि न्यू इंडिया में फैक्ट फैक्ट्स नहीं होते हैं. बीजेपी इसे साबित करने के लिए अपने इंटलेक्चुअल नक्सल गुरुजी को फॉलो कर रही है.

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