मुंबई. सत्ता को लेकर उद्धव ठाकरे की शिवसेना से चल रही खींचतान के बीच महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भारतीय जनता पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का न्यौता दिया है. पूर्व सीएम देवेंद्र फड़णवीस को 11 नवंबर सोमवार शाम 8 बजे तक सदन में विधायकों की पूर्ण संख्या के साथ बहुमत साबित करनी होगी.

11 नवंबर को ही देवेंद्र फड़णवीस शपथ ले सकते हैं. सबसे खास बात है कि बीजेपी ने बिना शिवसेना के समर्थन सरकार बनाने का दावा कर रही है. बीजेपी के पास कुल 115 विधायक हैं जिनमें 10 निर्दलीय विधायक भी शामिल हैं.

तो बिना शिवसेना के समर्थन बनेगी बीजेपी की सरकार ?

सरकार बनाने के लिए राज्यपाल के बीजेपी को न्योते मिलने से सूबे की राजनीति में हलचल मच गई है. खास बात है कि लंबी चली लड़ाई के बाद बिना शिवसेना के समर्थन ही देवेंद्र फड़णवीस को सरकार बनाने का न्योता मिला है. जब दोनों पार्टियों ने गठबंधन के साथ चुनाव जीता तो सरकार बनाने के लिए बहुमत था लेकिन अलग होकर बीजेपी के पास उसके 105 विधायक और शिवसेना के पास उसके 54 विधायक बचे हैं. ऐसे में दोनों के पास बहुमत नहीं है लेकिन भाजपा अपने विधायकों के साथ राज्य की सबसे बड़ी पार्टी है. 

10 निर्दलीय विधायकों का भी उन्हें समर्थन है जिसके बाद कुल संख्या 115 हो जाती है लेकिन इसके बावजूद भी बहुमत का आंकड़ा पार नहीं होता. अब देखना जरूर दिलचस्प होगा कि बहुमत साबित करने के लिए बीजेपी बाकी विधायकों का जुगाड़ कैसे करेगी या शिवसेना से ही मामला सुलझ जाए. क्योंकि कांग्रेस और एनसीपी के भाजपा को समर्थन के जीरो चांस है इसलिए अगर बीजेपी पूर्ण बहुमत सरकार चाहती है तो उसे शिवसेना का साथ लेना होगा, अगर शिवसेना अपने सीएम पद की जिद छोड़ दे या फिर बीजेपी उनका सीएम बनाने के लिए मान जाए.

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