पटना. बिहार में सियासी कुश्ती का नया दौर शुरू होने वाला है. लालू यादव जैसा मजबूत विरोधी तो सजायाफ्ता है और तेजस्वी यादव या तेज प्रताप यादव के विरोध से  बीजेपी-जेडीयू गठबंन की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है. ऐसे में बीजेपी नेता संजय पासवान के एक बयान की बेहद चर्चा है. संजय पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार पिछले 15 सालों से सीएम हैं लेकिन अब बहुत हो गया. पासवान ने अगली बार सीएम पद बीजेपी को दिए जाने की मांग भी कर दी है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार केंद्र में कोई पद ले सकते हैं.

बिहार में नीतीश कुमार और बीजेपी की दोस्ती यूं तो दशकों पुरानी है लेकिन पीएम मोदी के पहले कार्यकाल से पहले नीतीश कुमार बीजेपी से अलग हो गए थे. उन्होंने अपने पुराने विरोधी लालू यादव के साथ मिलकर बिहार का विधानसभा चुनाव लड़ा था जिसमें बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि बाद में नीतीश कुमार आरजेडी से अलग होकर वापस बीजेपी के साथ आ गए. इसके बाद लोकसभा चुनाव उन्होंने नरेंद्र मोदी की अगुवाई में लड़ा और बिहार में एनडीए को 40 में से 39 सीटों पर जीत मिली. लालू यादव की पार्टी आरजेडी का खाता तक नहीं खुल पाया.

इसके बाद भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में नीतीश की पार्टी का एक भी मंत्री नहीं है. मोदी सरकार ने नीतीश की पार्टी को एक मंत्री पद सौंपा था जिसे लेने से जदयू ने इनकार कर दिया. तब भी यह चर्चा छिड़ी थी कि बीजेपी बिहार में अपना मुख्यमंत्री चाहती है. हालांकि संजय पासवान के ताजा बयान पर जेडीयू ने तुरंत पलटवार किया है. जेडीयू नेता संजय रजक ने पासवान के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में कुछ नेता फालतू बयानबाजी करते रहे हैं. संजय रजक ने कहा कि पीएम मोदी खुद नीतीश कुमार के काम की तारीफ कर चुके हैं और अगला चुनाव नीतीश के नेतृत्व में ही होगा. बता दें कि बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं.

तेजस्वी यादव ने भी लगया मौके पर चौका
पूर्व उप मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी इस मौके को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. तेजस्वी ने ट्वीट करते हुए कहा क्या सीएम भाजपाइयों की बात का खंडन करने का माद्दा रखते हैं. क्या यह सच नहीं है कि नीतीश कुमार ने मोदी के नाम पर वोट मांगकर अपना घोषणा पत्र जारी किए बिना ही बीजेपी के घोषणा पत्र पर 16 एमपी बना लिए? क्या यह यथार्थ नहीं है कि हर एक बिल पर वो बीजेपी का समर्थन कर रहे हैं? फिर वो अलग कैसे?

बता दें कि बिहार में सहयोगी बीजेपी- जेडीयू के नेताओं की आपसी जुबानी जंग कोई नई बात नहीं है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सहित कई बीजेपी नेता नीतीश कुमार की खुली आलोचना कर चुके हैं. वहीं जेडीयू के नेता भी समय समय पर बीजेपी नेताओं पर तंज कसते रहे हैं.  क्या यह बिहार में बीजेपी के सीएम बनाने की कवायद का हिस्सा है या रेगुलर बयानबाजी यह तो समय ही बताएगा. सियासत में बेमतलब की बात का भी कुछ न कुछ मतलब जरूर होता है. 

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