पटनाः बिहार के मुजफ्फरपुर जेल में छापेमारी के दौरान शेल्टर में हुए बच्चियों से रेप के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के पास कागज में लिखे हुए करीब 40 प्रभावी लोगों के फेन नंबर बरामद हुए जिसमें एक नंबर मंत्री का था. जिसके बाद सारे कागजात जब्त कर सील कर दिए गए. इस छापेमारी के बाद अब प्रशासन ब्रजेश ठाकुर की बीमारी कोे बहाना मान रहा है. ऐसा माना जा रहा है कि मेडिकल बोर्ड का गठन कर उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया जा सकता है.

बता दें कि बिहार में 15 अगस्त से पहले हर साल जेलों में छापेमारी की जाती है. इसी कड़ी में पुलिस मुजफ्फरपुर जेल में भी छापेमारी करने पहुंची थी.साथ ही सीबीआई ने इस केस में शनिवार को ब्रजेश ठाकुर के मुजफ्फरपुर के घर, बाल गृह और प्रेस पर छापेमारी की साथ ही उसके बेटे से भी पूछताछ की. सीबीआई ने सेेंट्रस फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम के साथ मिलकर मुजफ्फरपुर बालिका गृह की तलाशी भी ली. मामले की जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि टीमों ने सील किए हुए कमरे खोले और इस केस में और सबूत इकट्ठा करने के लिए तलाशी ली. इस दौरान वीडियोग्राफी भी की गई.

आपको बता दें कि इस केस के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को बीते दो जून को गिरफ्तार किया गया था लेकिन केंद्रीय कारागार में उसने पांच दिन ही बिताए हैं. पुलिस ने बताया कि वह स्वास्थ्य आधार पर जेल के मेडिकल वार्ड में रह रहा है. वहीं पटना हाईकोर्ट भी इस मामले में चल रही सीबीआई जांच में नजर बनाए हुए है. 

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