नई दिल्ली/ कोरोना को लेकर देशभर के लोगों में एक अलग तरह का ही खौफ पैदा हो रखा है. हालांकि देश में बड़े स्तर पर कोरोना वैक्सीन लगाने का काम शुरू हो चुका है, लेकिन फिर भी जनता अभी पूरी तरह इस महामारी के खौफ से बाहर नहीं निकल पाई है. उनमें अभी भी खौफ अभी भी बरकरार है.

इस बीच योगगुरु बाबा रामदेव ने आज कोरोना की नई दवा को लॉन्च किया है. इस दवा का नाम कोरोनिल ही है. योगगुरु बाबा रामदेव का कहना है कि कोरोनिल टैबलेट से अब कोविड का इलाज होगा. जिस समय योगगुरु रामदेव ने इस दवा को लॉन्च किया, उस समय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे.

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आयुष मंत्रालय ने कोरोनिल टैबलेट को कोरोना की दवा के तौर पर स्वीकार कर लिया है. पतंजलि का कहना है कि नई कोरोनिल दवा CoPP-WHO GMP सर्टिफाइड है. बाबा रामदेव ने कहा कि योग आयुर्वेद को रिसर्च बेस्ड ट्रीटमेंट के तौर पर चिकित्सा पद्धति के रूप में अपनाया जा रहा है. और कहा कि अब हमारे ऊपर कोई सवाल नहीं उठा सकता है. हमारे पास कोरोना के ऊपर 25 रिसर्च पेपर हैं और सारे सर्टिफिकेट्स हैं.

आचार्य बालकृष्ण ने दावा भी किया कि कोरोनिल का प्रयोग पहले से लोग कर रहे थे. खैर अब डीजीसीए के बाद हमें डब्लूएचओ से अप्रूवल मिल गया है. हमें 154 देशों के लिए अप्रूवल मिला है. इसके बाद हम अब आधिकारिक रूप से कोरोनिल का प्रयोग कर सके हैं. हमने वैज्ञानिक पद्धति से कोरोनिल पर रिसर्च किया है.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पतंजलि के अनुसंधान का देश को फायदा तो होगा ही, पर वैज्ञानिक रूप से यह काम करने के लिए बाबा रामदेव और आचार्च बालकृष्ण का धन्यवाद करता हूं. जो अब वैज्ञानिक आधार लेकर फिर से जनता के सामने आए हैं. तो निश्चित तौर पर लोगों का विश्वास और इस पर बढ़ेगा.

गौरतलब है कि पहले पतंजलि ने 23 जून 2020 को कोरोना के लिए कोरोनिल लॉन्च की थी. जिसमें 7 दिन में कोरोना के इलाज का दावा किया गया था. हालांकि लॉन्च होते ही ये दवा विवादों में आ गई थी. 

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