जयपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नागरिकता संशोधन विधेयक और एनआरसी के विरोध में सड़कों पर उतरे. सीएम गहलोत ने साफ कर दिया है कि वे राजस्थान में सीएए और एनआरसी लागू नहीं होने देंगे. सीएम गहलोत ने रविवार को राजधानी जयपुर में अल्बर्ट हॉल से गांधी सर्किल तक शांति मार्च निकाला. इसके बाद गांधी सर्किल पर जनसभआ को संबोधित किया.

अशोक गहलोत ने कहा कि सर्वधर्म समभाव में विश्वास रखने वाले सर्वदलीय और सर्वसमाज के शांति मार्च में शामिल होकर सभी ने एक सन्देश दिया कि यह देश संविधान की मूलभावना के आधार पर ही चलेगा.

जयपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम गहलोत ने केंद्र की नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आप (मोदी सरकार) बहुमत से कानून तो बना सकते हैं लेकिन लोगों का दिल नहीं जीत सकते. देशभर से नागरिकता कानून के विरोध में आवाजें उठ रही हैं. सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही 15 लोग मारे गए हैं. जहां बीजेपी की सरकारें हैं वहीं गोलियां चल रही हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में नेशनल रजिस्ट्रार ऑफ सिटीजनशिप यानी एनआरसी फेल हो गया है. एनआरसी लागू होने के बाद असम में 16 लाख हिंदू बाहर हो गए. अब सरकार सीएए लेकर आई है जो कि संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ है. यह कानून अव्यवहारिक है.

CAA और NRC देश में लागू होने के लायक नहीं- गहलोत
सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी देश में लागू होने लायक नहीं है. इससे हर समुदाय के लोगों पर असर पड़ेगा. सीएए और एनआरसी के जरिए बीजेपी सरकार ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है. ताकि इसका फायदा चुनावों में उठाया जा सके.

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