चंडीगढ़. दो साल पहले सेना ने भारत-पाकिस्तान एलओसी के पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी. इसमें सेना ने कई आतंकियों को मार गिराया था. इसकी जानकारी मिलने के बाद देशभर में खुशियां मनाई गई थीं. हर तरफ सर्जिकल स्ट्राइक की चर्चा हुई. हालांकि इसका जिक्र अब भी होता है. इसी बात से नाराज सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल ने अफने विचार रखे. सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त सैन्य कमांडर थे.

उन्होंने शुक्रवार को सैन्य साहित्य महोत्सव में भाग लिया. जनरल हुड्डा ने वहां सीमा पार अभियानों और सर्जिकल स्ट्राइक की भूमिका पर बात की. एक संबोधन के दौरान कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक अभियान के सफल होने पर शुरुआती खुशी स्वभाविक है. लेकिन लगातार इस तरह के सैन्य अभियानों का प्रचार करना अनुचित है. उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए ये भी कहा कि यदि इस सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी गोपनीय रखी जाती तो ये भी बेहतर होता.

बता दें कि पंजाब में हो रहे सैन्य साहित्य महोत्सव में सेना के पूर्व जनरल और कमांडर शामिल हुए. इन सब के साथ पंजाब के राज्यपाल वी पी सिंह बदनोर भी महोत्सव में शामिल थे. महोत्सव में मौजूद सैन्य अधिकारी, युद्ध में भाग ले चुके अनुभवी अधिकारियों ने भी सैन्य अभियानों के राजनीतिकरण के खिलाफ बोला. उन्होंने सभी को ऐसा करने को लेकर आगाह किया है. सर्जिकल स्ट्राइक दो साल पहले उरी में की गई थी. इस दौरान भारतीय सेना के जवानों ने भारत-पाकिस्तान एलओसी के पार जाकर कई पाकिस्तानी आतंकियों को ढेर किया था. ये हमला पाकिस्तानी आंतकियों द्वारा भारतीय सेना के जवानों को मारने के जवाब में किया गया था.

Statue of Unity Lift Stops: स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की लिफ्ट में फिर गड़बड़ी, पर्यटकों ने वापस मांगे टिकट के पैसे

BJP Dalit Certificate to Hanuman: कांग्रेस के पोस्टर में हनुमान समेत सभी देवताओं को दलित सर्टिफिकेट बांटती दिखी भाजपा

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App