नई दिल्ली. कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों की आवाज बुलंद करने का आम आदमी पार्टी ने फैसला किया है। मीडिया में जारी अपने बयान में आम आदमी पार्टी के सूबा प्रधान और संगरूर से सांसद भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी शुरू से ही किसानों की आवाज को बुलंद करती आई है और इस संसद सैशन के दौरान भी जोर शोर के साथ किसानों के मुद्दे उठाया जाएगा।

मान ने कहा कि सांसद होने के नाते हमारा यह फर्ज बनता है कि अन्नदाता किसान की आवाज मोदी सरकार के कानों तक पहुंचाई जाए और इन काले खेती कानूनों को रद्द करने की गुहार लगाई जाए। विरोधी दलों के सभी संसद सदस्यों को मुखातिब होते मान ने कहा कि उन को ऐसे नाजुक समय के दौरान किसानों की बाजू पकड़नी चाहिए। उन्होंने वायदा किया कि वह इस सम्बन्धित सभी विरोधी पक्ष के संसद सदस्यों को जागरूक करने का भी यत्न करेंगे। मान ने कहा कि उन्होंने इस सैशन के दौरान किसानी के साथ सम्बन्धित कई सवाल भी दाखिल किए हुए हैं और लोक सभा के स्पीकर की इजाजत के साथ वह किसानों के सवाल भी उठाएंगे।

मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते मान ने कहा कि यह अति दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश का किसान अपनी जायज मांगों को मनवाने के लिए भी पिछले करीब एक साल से सड़कों पर भारी दिक्कतों का सामना करने के लिए मजबूर हो रहा है। उन्होंने कहा कि संसद के सत्र के दौरान जत्थे बना कर संसद भवन आने वाले किसानों के साथ मुलाकात करते रहेंगे और उनकी हर संभव सहायता करेंगे। उन्होंने दोहराया कि मोदी सरकार को अपनी जि़द को छोड़ देना चाहिए और किसानों की जायज मांगों को मानते इन काले खेती कानूनों को वापस ले लेना चाहिए।

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