AAP MP Sushil Gupta in Police Custody: राज्यसभा सदस्य सुशील गुप्ता ने कहा कि सुबह 7 बजे जब मैं पहुंचा तो अवैध तरीके से हरियाणा पुलिस ने मुझे डिटेल किया। पहले मुझे सराय ख्वाजा पुलिस स्टेशन लेकर गए। फिर सड़क पर लेकर मुझे घूमते रहे, जैसे मैं कोई गुंडा या अपराधी हूं। वहां पर हरियाणा पुलिस के एसीपी मोजीराम थे और दिल्ली पुलिस के एसीपी अजय कुमार थे। दोनों पुलिस ने मिलकर मुझे लगभग 5 घंटे तक सड़क पर घुमाया। पहले मुझे सराय ख्वाजा पुलिस लेकर गए, उसके बाद बीपीटी पुलिस स्टेशन फरीदाबाद लेकर गए और इसके बाद सेक्टर-37 पुलिस स्टेशन फरीदाबाद लेकर गए। करीब 4ः30 घंटे के बाद वे मेरे खिलाफ कोई केस बनाकर लाए और कहा कि आप जमानत के लिए आवेदन करें। धारा 107/51 में आपको बंद कर रहे हैं।

मैंने कहा कि मैं बंद रहना पसंद करूंगा। मैं खोरी गांव के लोगों की आवाज जेल में बैठकर उठाउंगा। मैं कोई जमानत नहीं लूंगा। अगर मैंने कोई अपराध किया है, तो आप मुझे बंद करें, जेल में डाल दें। और अगर मैंने अपराध नहीं किया, तो यह आपका अपराध है कि आपने एक लोकतांत्रिक रास्ता, जिसकी जानकारी देकर आया था, आपने उसको रोका। हमने कोई दंगा नहीं की, हमने कोई शोर-शराबा नहीं किया और आपने 5 घंटे तक मुझे अलग-अलग थानों के अंदर और अलग-अलग सड़कों पर घूमाते रहे। मेरे सारे टेलीफोन ले लिए गए और हमारे सहयोगी फरीदाबाद के जिला अध्यक्ष अभी तक बंद हैं। मेरे ऑफिस से अब्दुल रहीम, हिसार के अध्यक्ष संजय भूरा समेत कई लोगों को अभी भी फरीदाबाद पुलिस डिटेन की हुई है। अभी पुलिस उनके खिलाफ कोई केस नहीं बना पाई है और न तो उन पर कोई केस बनता है।

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