दिल्ली की केजरीवाल सरकार के देशभक्ति बजट में सीमाओं की सुरक्षा की भी चिंता की गई है। इसके अलावा एनडीए की तैयारी के लिए एकेडमी खोलने का ऐलान किया गया है। जहां पर बच्चे सैनिक बनने की सपने को साकार कर सकेंगे।

दिल्ली में खोला जाएगा पहला सैनिक स्कूल

देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए बच्चों को तैयार करने के लिए दिल्ली में नया स्कूल खोला जाएगा। इसके अलावा दिल्ली आर्म्ड फोर्सिज प्रिपेरटरी अकादमी भी शुरू की जाएगी। देश में इस वक्त 33 सैनिक स्कूल हैं लेकिन दिल्ली में एक भी नहीं है। ऐसे में केजरीवाल सरकार की ओर से दिल्ली में पहला सैनिक स्कूल खोला जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली आर्म्ड फोर्सिज प्रिपेरटरी अकादमी भी शुरू की जाएगी। यहां पर बच्चों को उनकी रेगुलर पढ़ाई के साथ-साथ एनडीए और सेना में भर्ती के लिए भी तैयार किया जाएगा।

शहीद सिपाहियों के परिवार की मदद के लिए 26 करोड़

केजरीवाल सरकार ने अपनी जान की परवाह ना करते हुए अपने फर्ज के लिए, अपने देश के लिए बहादुरी से लड़ने वाले शहीद सिपाहियों के परिवार के सम्मान एवं मदद के लिए एक करोड़ रुपए की राशि देने की योजना शुरू की थी। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में 26 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

दिल्ली में यूथ फॉर एजुकेशन की होगी शुरुआत

महात्मा गांधी से लेकर बाबा साहब सहित सभी महापुरूषों ने सुशिक्षित राष्ट्र के रूप में आजाद भारत की कल्पना की थी। देश में आईआईटी, आईआईएम, एम्स सहित अनेकों विश्वविद्यालय और स्कूल खोले गए। लेकिन यह 5 प्रतिशत आबादी को ही अच्छी शिक्षा दिलाने में कामयाब हो पाए हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया है। आजादी के 75 वर्ष में केजरीवाल सरकार इसकी शुरुआत दिल्ली से करेंगी। पढ़े-लिखे और सफल लाखों युवाओं को उन छात्रों की मदद के लिए तैयार करेंगे जो संसाधन अथवा सूचना के अभाव से जूझ रहे हैं। इसके लिए यूथ फॉर एजुकेशन नाम से मेंटरशिप वालंटियर प्रोग्राम इस साल से शुरू किया जाएगा।

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