कोलकाताः पश्चिम बंगाल की राजधानी में कोलकाता में इस्लामोफोबिया का मामला सामने आया है. कोलकाता की एक सोसाइटी में रह रहे चार मुस्लिम डॉक्टरों से पड़ोसियों ने बदसलूकी की और उनसे फ्लैट खाली करने को कहा. फिलहाल एक एनजीओ के हस्तक्षेप से मामले को नियंत्रण में लाया गया. इस एनजीओ ने पड़ोसियों को समझाया-बुझाया, जिसके बाद वे लोग शांत हुए. मामला अभी नियंत्रण में है लेकिन फ्लैट के मालिक ने अपने किरायेदारों से बात करने की बात कही है. मकान मालिक का कहना है कि यह गंभीर मसला है और अगर सबसे बात नहीं की जाएगी तो सोसाइटी में अशांति बनी रहेगी.

मामला कोलकाता के कूदघाट का है, जहां की एक सोसाइटी में मोहम्मद आफताब आलम, मोज्तबा हसन, नासिर शेख और शौकत शेख नाम के चार डॉक्टर एक साथ एक फ्लैट में रहते हैं. ये युवा डॉक्टर कोलकाता के अलग-अलग अस्पतालों में मेडिकल प्रैक्टिस करते हैं. न्यूज 18 के एक रिपोर्ट के अनुसार इन चारों डॉक्टरों को पहले फ्लैट ढूंढ़ने में काफी दिक्कत हुई. कोई भी इन युवा डॉक्टरों को किराए पर मकान देने के लिए तैयार नहीं था. अंत में सुदीप्त मित्रा नाम के एक मकान मालिक ने उन्हें किराये पर फ्लैट दिया.

इन चारों युवकों का कहना है कि उस वक्त तक सब कुछ सही चल रहा था, जब तक उनका एक दोस्त किसी काम से उनके घर नहीं आया. इन युवकों के अनुसार पड़ोसियों ने दोस्त से उसके पहचान पत्र की मांग की और बदसलूकी भी की. युवकों को फ्लैट खाली करने को भी कहा गया. उन्होंने इस घटना को ट्वीटर पर लिखकर रोष जताया. तब संगति अभिजन नाम के एक एनजीओ ने इस मामले को संज्ञान में लिया और फिर पड़ोसियों से बात की. फिलहाल यह मामला शांत और नियंत्रण में है.

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