नई दिल्ली. सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘कृमि मुक्ति अभियान’ के तहत कृमिरोधी (पेट के कीड़े मारने वाली) दवा खाने के बाद तबीयत बिगड़ने के कारण सरकारी स्कूल के 12 छात्रों को गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी स्थित हिंदू राव अस्पताल में भर्ती कराया गया. उत्तरी दिल्ली के विजयनगर स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय के 12 छात्रों को अस्पताल ले जाना पड़ा, जिनमें तीन 12 साल से कम उम्र के हैं, जबकि नौ की आयु 12 साल से अधिक है.

अस्पताल के अधिकारियों ने कहा, ’12 साल से कम उम्र के बच्चों को बाल चिकित्सा विभाग, जबकि इससे अधिक आयु के बच्चों को चिकित्सा वार्ड में भर्ती कराया गया है.’ इस संबंध में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, ‘उनकी हालत के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है. दवा लेने के बाद आमतौर पर बेचैनी व चक्कर आने की शिकायत होती है, खासकर वैसे बच्चे जो कृमि संक्रमण से गंभीर रूप से पीड़ित हैं. मैंने स्कूल अधिकारियों को सलाह दी है कि कृमि रोधी दवा देने के बाद अगर बच्चे को कुछ होता है, तो वे उन्हें अस्पताल में भर्ती कराएं और उन्हें वापस स्कूल न लाएं.’

दिल्ली सरकार ने बुधवार को पूरे शहर के स्कूलों व आंगनवाड़ी में कृमि मुक्ति अभियान की शुरुआत की है. कुल 3,032 स्कूल तथा 11,500 आंगनवाड़ी गुरुवार को इस अभियान का हिस्सा थे. साल 2012 में शुरू होने वाला यह कार्यक्रम राजधानी में तीसरे चरण में है. वर्तमान चरण में 37 लाख बच्चों को दवा देने का लक्ष्य है.

IANS

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