वाशिंगटन. भारत 2014-15 में सबसे तेजी से बढ़ती उभरती अर्थव्यवस्था के मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा और उसकी वृद्धि दर 7.5 फीसदी रहेगी. अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने यह अनुमान लगाया है. आईएमएफ का कहना है कि हालिया नीतिगत पहलों, निवेश में वृद्धि व कच्चे तेल की कीमतों में कमी से भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ेगी.

आईएमएफ ने कहा कि जहां भारत की वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष के 7.2 प्रतिशत से सुधरकर चालू वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष में 7.5 प्रतिशत रहेगी, वहीं चीन की वृद्धि दर 2014 के 7.4 प्रतिशत से घटकर 2015 में 6.8 प्रतिशत और एक साल बाद 6.3 प्रतिशत पर आ जाएगी. आईएमएफ का वृद्धि दर का अनुमान हालांकि वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के अनुमान से कम है. वित्त मंत्रालय का अनुमान है कि 2015-16 में देश की वृद्धि दर 8 से 8.5 प्रतिशत रहेगी. वहीं रिजर्व बैंक ने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया है.

आईएमएफ-विश्व बैंक की 17 अप्रैल से शुरू होने वाली बैठक से पहले जारी आईएमएफ के विश्व आर्थिक परिदृश्य में कहा गया है, ‘भारत की वृद्धि दर पिछले साल के 7.2 प्रतिशत से बढ़कर इस साल 7.5 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी. वृद्धि को हालिया नीतिगत पहलों से प्रोत्साहन मिलेगा. इसके अलावा निवेश में बढ़ोतरी और कच्चे तेल के दामों में गिरावट से भी वृद्धि दर बढ़ेगी.’

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App