चंदौलीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के पड़ोसी जिले चंदौली के मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम करने पर 6 इंच छोटा करने की धमकी पोस्टर चिपकाकर दी गई है. पोस्टर मुगलसराय रेलवे स्टेशन के सटे इलाकों में चिपके मिले. सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन मे हड़कंप मच गया. पुलिस ने सभी पोस्टरों को हटवाकर अज्ञात के खिलाफ धारा 504 व 506 में मुकदमा दर्ज किया है. मामले की जांच जारी है.
 
मुगलसराय जंक्शन का नाम बदलने को लेकर पिछले काफी वर्षों से राजनीति हो रही है. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह का पैतृक गांव इसी जिले में है. तो बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर महेंद्र नाथ पाण्डेय यहां से सांसद हैं. सांसद पाण्डेय की कोशिशों के चलते ही मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखे जाने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है. नाम बदलने के खिलाफ धरना प्रदर्शन और आंदोलन भी जारी हैं.
 
 
दरअसल नाम बदलने को लेकर कांग्रेस पार्टी के अपने तर्क हैं. कांग्रेस चाहती है कि देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के नाम पर इसका नाम रखा जाए, क्योंकि यहां शास्त्री जी की जन्मस्थली है. इसी मांग को लेकर लाल बहादुर शास्त्री न्यास समिति आंदोलन भी कर रही है. वहीं बीजेपी सांसद का तर्क है कि ट्रेन में घायल होने के पश्चात मुगलसराय यार्ड में ही पंडित जी का शव मिला था, लिहाजा स्टेशन का नाम उनके नाम पर रखा जाए.
 
धमकी भरे पोस्टरों में नाम बदलने में जुटे 13 लोगों को चिन्हित करने की बात करते हुए यह धमकी दी गई है. दिलचस्प बात यह है कि पोस्टर में डीएम और एसडीएम से पब्लिक के पक्ष में लड़ाई लड़ने की अपील की गई है. फिलहाल पुलिस पोस्टर लगाने वाले लोगों की तलाश में जुटी है ताकि मुद्दे के तूल पकड़ने से पहले ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके.