नागपुर. मुंबई हमलों के दोषी याकूब मेमन को फांसी दे दी गई है, लेकिन जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फांसी से ठीक एक दिन पहले और फांसी चढ़ाए जाने से कुछ समय पहले याकूब मेमन तमाम करीबी लोगों से अच्छे से मिला और खूब रोया भी. उसने सभी से भूल-चूक माफी की बात भी कही.

जानकारी के अनुसार, फांसी यार्ड में कुल 15 (एक महिला है, जिसे महिला वार्ड में रखा गया है)  कैदी हैं, जिसमें से याक़ूब को छोड़ बाकी सभी को दूसरे यार्ड भेज दिया गया था. याक़ूब जिस सेल में था, उसमें कोई कड़ी (चेन) नहीं लगी थी.

हालांकि बाहर जवान पहरा दे रहे थे, ताकि वो ख़ुदकुशी ना कर पाए. फांसी से पहले याकूब अपने साथी कैदियों से मिला और जेल कर्मियों से भी मिलकर कुछ गलती हुई हो तो इसके लिए माफ़ी की बात कही.

फांसी से पहले याकूब ने डॉक्टरों को खुद को चेक नहीं करने दिया. उसने कहा कि मैं फिट हूं, चेक करने की जरूरत नहीं. याकूब ने सुबह से कुरान पढ़ी. फांसी लगने से पहले एक दिन पहले याकूब ने अपने भाई सुलेमान से मुलाकात की थी और उसके बाद उसके आंखों से आंसू निकल पड़े थे.

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