बगहा: बिहार के बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में मरीज की मौत पर ग्रामीणों ने अस्पताल में जम कर तोड़ फोड़ किया इस दौरान अस्पताल कर्मियों से मार-पीट भी की गयी. हंगामे की सुचना पर पहुंची बगहा थाना पुलिस से भी आक्रोशितों की हाथापाई हुई.

बताया जा रहा है की बगहा नगर के रतनमाला निवासी पुर्नवासी बैठा की अचानक तबीयत बिगड़ गयी. उनके परिजन बगहा अनुमंडलीय अस्पताल लाये, जहाँ डॉक्टर अस्पताल में नहीं थे. परिजनों ने अस्पताल उपाधीक्षक के आवास पर भी बुलाने गए, लेकिन डॉक्टर नहाने और खाने में एक घंटा लगा दिया, जिसके कारण एक घंटा देरी से वे अस्पताल पहुंचे. जब तक डॉक्टर मरीज के उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चूकी थी. इसकी सूचना जैसे ही ग्रामीणों को मिली अस्पताल परिसर मानों रणभूमि में तब्दील हो गया.
 
मृतक के परिजनों का आरोप है की आय दिन अस्पताल में इस तरह की घटना होती है और प्रशासन तथा विभागीय अधिकारी इस पर कारवाई नहीं करते हैं.
 
इधर इस घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे SDM धर्मेंद्र कुमार ने विभिन्न पहलुओं की जाँच खुद शुरू कर दी. जाँच में डीएस ए. के. तिवारी की लापरवाही उजागर हुई और देर शाम तक चले हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद बड़ी कार्यवाई भी हुई. SDM बगहां आईएएस अधिकारी की अनुशंसा पर CS बेतिया डॉ. ए. के. सिन्हा ने तत्काल उन्हें पदमुक्त कर डॉ एसपी अग्रवाल को नया प्रभारी नियुक्त किया है. 
 
हालांकि, इधर पूर्व जेडीयू सांसद कैलाश बैठा ने आरोपी चिकित्सक डॉ अशोक तिवारी पर हत्या का मुकदमा दर्ज़ कर सरकार से मृतक के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग की है.