नई दिल्ली. इस बार प्रतिपदा दो दिन होने से नवरात्रि 10 दिनों की है और इस कारण पहले व दूसरे दिन देवी के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा की गई थी. आज नवरात्रि के दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा की जाती है.
 
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ब्रह्मचारिणी का अर्थ होता है, तप की चारिणी यानी तप का आचरण करने वाली. माता ने अपने दाएं हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल धारण किया होता है. देवी भक्तों को यह संदेश देती हैं कि जीवन में बिना तपस्या यानी कठोर परिश्रम के सफलता नहीं मिल सकती. आज के दिन ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा करने से क्या लाभ मिलते हैं, हम यहां बता रहे हैं: 
 
1. मान्यताओं के अनुसार ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा से उम्र लंबी होती है और बच्चों को सुख की प्राप्त होती है.
 
2. देवी के आर्शीवाद से व्यक्ति को विजय मिलती है और जीवन में आने वाली दिक्कतों और परेशानियों का समाधान होता है. 
 
3. माता की पूजा से तप, त्याग, सदाचार और संयम बढ़ता है. कठिन परिस्थितियों में भी व्यक्ति डगमगाता नहीं और साहस बनाए रखता है.
 
4. देवी ब्रह्मचारिणी की साधना से व्यक्ति को कर्मठता, ज्ञान, शक्ति, और बुद्धिमत्ता कि प्राप्ति होती है। 
 
5. मां दुर्गा का यह स्वरूप अपने भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी है. सच्ची श्रद्धा से पूजा करने से देवी की कृपा बनी रहती है.