नई दिल्ली. 25 अगस्त को व्हाट्स ऐप ने अपनी कंटेंट पॉलिसी में पहली बार कोई बदलाव किया था और इसके खिलाफ यूज़र्स की प्राइवेसी को मुद्दा बनाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट मे जनहित यहिका दाखिल कर दी गयी.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
इसके बाद कल ही हाई कोर्ट ने व्हाट्स ऐप को फेसबुक के साथ डेटा सांझा करने की छूट दे दी लेकिन इसके साथ ही उस पर कुछ पाबंदियां भी लगाई. इन पाबंदियों और हाई कोर्ट के फैसले का व्हाट्स ऐप पर असर पड़ना लाज़मी है. ऐसे में हम यहां इस से  जुडी महत्वपूण 3  बातें आपको बता रहे हैं. 
 
1. 25 सितम्बर तक का यूज़र्स का सभी डेटा व्हाट्स ऐप को डिलीट करना होगा. इतना ही नहीं जो लोग 25 सितम्बर से पहले व्हाट्स ऐप को डिलीट कर देते हैं उनका डेटा भी व्हाट्स ऐप फेसबुक के साथ नहीं सांझा कर सकेग. 25 सितम्बर के बाद का डेटा को व्हाट्स ऐप फेसबुक के साथ सांझा कर सकता है.
 
2. अगर आप गलती से या अपनी इच्छ से व्हाट्स ऐप की डेटा शेयरिंग पॉलिसी को स्वीकार कर चुके हैं तब भी व्हाट्स ऐप 25 सितम्बर से पहले तक का डेटा फेसबुक के साथ सांझा नहीं कर पाएगा. 
 
3. व्हाट्स ऐप फेसबुक के साथ सिर्फ आपका फोन नम्बर ही नहीं बल्कि इस से कई ज्यादा जानकारी साझां करने वाला है. आप तक ज्यादा बेहतर विज्ञापन पहुंचाने के लिए व्हाट्स ऐप को आपकी प्रोफाइल पिक्चर, लीस्ट सीन, ऑनलाइन आने का टाइम, जाने का टाइम, आपका स्टेटस आदि सब शेयर करना होगा. अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप अब अभी व्हाट्स ऐप के साथ जुड़े रहना चाहेंगे या नहीं.