आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसान अपने मूल्यों को सहेज कर नहीं रख पाने में नाकाम साबित हो रहा है. जिसका परिणाम है कि समाज में अपराध, हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. लोगों को भौतिक सुख के आगे कुछ भी दिखाई नहीं देता है.

लेकिन आचार्य चाणक्य ने आज से हजारों साल पहले कुछ ऐसी बातें बताई थीं जो आज के दौर में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं.

क्या हैं वह 9 बातें

1- अच्छी बातें ध्यान से सुननी चाहिए इससे धर्म का ज्ञान होता है. नफरत दूर होती है और ज्ञान मिलता है.

2- दूसरों में दोष ढूंढ़ने में वक्त बर्बाद नहीं करना चाहिए इससे हम खुद में भी सुधार नहीं कर पाएंगे.

3- किसी भी व्यक्ति को बहुत ज्यादा सीधा नहीं होना चाहिए. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सीधे पेड़ बहुत जल्दी काट दिए जाते हैं.

4- एक लालची आदमी को वस्तु भेंट कर, एक कठोर आदमी को हाथ जोड़कर, एक मूर्ख को सम्मान देकर, और एक विद्वान आदमी को सच बोलकर संतुष्ट करना चाहिए.

5.  अपने कम को मन लगाकर पूरा करो और इसके फल की चिंता नहीं करनी चाहिए.

6. सिंह के समान अपने काम को पूरे जोश और साहस के साथ करना चाहिए.

7. शिक्षा पर जोर देते हुए चाणक्य ने कहा कि अज्ञानी के लिए किताब और अंधे के लिए दर्पण एक समान है.  

9. अपनी इंद्रियों को बगुले की तरह काबू में रखें और अपने लक्ष्य पर ध्यान लगाएं.आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसान अपने मूल्यों को सहेज कर नहीं रख पाने में नाकाम साबित हो रहा है. जिसका परिणाम है कि समाज में अपराध, हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. लोगों को भौतिक सुख के आगे कुछ भी दिखाई नहीं देता है.

लेकिन आचार्य चाणक्य ने आज से हजारों साल पहले कुछ ऐसी बातें बताई थीं जो आज के दौर में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं.