तिरुवनन्तपुरम. प्र​तिभा कहीं भी छुपी हो सकती है, बस उसे सामने लाने के लिए अवसर और संसाधनों की जरूरत होती है. कभी भीख मांगकर घर चलाने वाले जयवेल ने कैंम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में एडमिशन पाकर इस बात को साबित कर दिया है.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
चेन्नई के रहने वाले 22 वर्षीय जयवेल ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षा पास की है. उन्हें यहां पर परफॉर्मेंस कार एन्हैंसमेंट टेक्नोलॉजी इजीनियरिंग में एडमिशन मिल गया है। वह रेसिंग कार की क्षमता बढ़ाने वाली तकनीक सीखेंगे.
 
जयवेल का यहां तक का सफर आसान नहीं रहा. कभी पारिवारिक मजबूरियां ने उन्हें इस तरह जकड़ा हुआ था कि वह पढ़ाई के बारे में सोच भी नहीं सकते थे. जयवेल के पिता की मृत्यु हो चुकी है. उनकी मां को शराब की लत लग गई थी. जब जयवेल को माता-पिता के प्यार और सहयोग की जरूरत थी तो उसी उम्र में उन्हें खुद परिवार का भार उठाना पड़ा.  
 
परिवार मंगवाता था भीख
आंध्र प्रदेश में 80 के दशक में सूखा पड़ने पर जयवेल का परिवार चेन्नई गया था। वहां उनके पास भीख मांगने के अलावा कोई चारा नहीं था। परिवार वाले जयवेल से भीख मंगाते थे और मां उसकी कमाई शराब में उड़ा देती। 
 
जयवेल की किस्मत ने तब रुख बदला जब एक दिन उन्हें उमा ट्रस्ट के उमा और मथुरमन ने फुटपाथ पर भीख मांगते देखा. दोनों को लगा की उन्हें जयवेल के लिए कुछ करना चाहिए. उनकी मदद और अपनी मेहनत से जयवेल यहां तक पहुंच पाए हैं.