नई दिल्ली. दिल में अगर कुछ करने का जज्बा हो तो दुनिया की कोई ताकत आपको रोक नहीं सकती. आज हम ऐसे ही एक व्यक्ति के जज्बे को सलाम करते हुए उनकी कहानी आपके साथ शेयर करने जा रहे हैं. ये कहानी है दिल्ली के विनोद कुमार चौधरी की जो काम तो करते हैं जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर ऑपरेटर का लेकिन इनके नाम पर दर्ज हैं गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दो रिकॉर्ड्स.
 
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विनोद कुमार चौधरी की पूरी कहानी
 
विनोद जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करते हैं लेकिन इन सब में सबसे दिलचस्प बात यह है कि वह कोई आम कंप्यूटर ऑपरेटर नहीं बल्कि गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दो रिकॉर्ड अपने नाम करवाने वाले ‘सुपरस्टार’ विनोद हैं.
 
दरअसल, विनोद के पास दो गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स हैं. विनोद ने अपनी नाक से कंप्यूटर के 103 शब्दों को 46.30 सेकंड में टाइप कर एक रिकॉर्ड बनाया था. हालांकि, अभी हाल में ही इस रिकॉर्ड को भारत के ही हैदराबाद निवासी मोहम्मद खुर्शीद हुसैन ने तोड़ दिया है.
 
देश के इस शानदार और जिंदादिल इंसान की कहानी कुछ ऐसी है जो आपको सोचने के लिए मजबूर कर देगी. देश का सम्मान बढ़ाने वाला यह सपूत गुमनामी में जी रहा है. जो अपनी फैमिली का पेट पालने के लिए यह नौकरी करने के लिए मजबूर है. रोज अपनी बाइक से अपने घर से 30 किमी दूर जेएनयू आते हैं. इस काम के लिए उन्हें हर महीने 10 हज़ार रुपये मिलते हैं. 
 
घर में उनके अलावा उनके मां-बाप, पत्नी और तीन बेटियां हैं. तमाम चुनौतियां और जिम्मेदारी होने के बावजूद विनोद का जज़्बा देखने लायक है. सवेरे उठते ही ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहते हैं ‘हे ईश्वर! मेरे अंदर जो आग है, उस मुझसे कभी मत छीनना.’ वे तमाम चुनौतियों को पार कर एक नई कहानी गढ़ना चाहते हैं.