इंदौर. यह खबर वास्तव में मानवता को झकझोर देने वाली है. यूं तो डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया गया है, लेकिन इनकी लापरवाही ने फिर से एक 3 दिन की बच्ची की जान चली गई है.
 
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क्या है पूरा मामला?
घटना मध्य प्रदेश के इंदौर जिला के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महाराणा यशवंतराव चिकित्सालय की है. जहां एक तीन दिन की बच्ची की मौत के बाद उसकी लाश को चींटियां खाती रहीं. बच्ची को उसके माता-पिता टीका लगवाने ले गए थे. टीका लगाने के बाद उसकी तबीयत खराब होने से उसकी मौत हो गई, जिसके बाद बच्ची के माता-पिता ने पोस्टमार्टम की गुहार लगाई, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी बात को अनसुना कर दिया और बच्ची का शव मॉर्चरी में पड़ा रहा. इस दौरान शव में चींटियां लग गईं.
 
 
 
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वहीं बच्ची के माता-पिता ने हॉस्पिटल स्टाफ पर बदतमीजी का आरोप लगाया है. इससे पहले भी इस अस्पताल की लापरवाही सामने सामने आई थी, जब डॉक्टरों ने ऑक्सीजन की जगह नाइट्रस गैस चढ़ा दी थी, जिससे एक बच्चे की मौत हो गई थी.

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