जम्मू. जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (ISI) मदद कर रही है. खुफिया सूत्रों से पता चला है कि आईएसआई ऐप के जरिए आतंकियों की मदद कर रहा है. सेना से बचने के लिए आतंकी इस ऐप की मदद ले रहे हैं. घुसपैठ करने वाले आतंकी सेना की नजरों से छिपा कर अपने चीफ को संदेश भेजने के लिए ऐप का इस्तेमाल भी कर रहे हैं और आईएसआई इस काम में आतंकियों की मदद कर रही है. ये जानकारी IB से मिली है.
 
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भारतीय एंजेसियों को मिली जानकारी के मुताबिक सीमा पर मौजूद भारतीय सुरक्षा बलों को चकमा देने और एनकाउंटर के बीच में एक दूसरे को मैसेज करने में नए ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक लश्कर-ए-तैयब्बा के एक आंतकी से हासिल स्मार्टफोन में इस ऐप का पता चला. ये एप्स काफी हाईटेक है. कमजोर नेटवर्क या नेटवर्क जाम होने की स्थिति में भी इस ऐप का इस्तेमाल करने वाले आतंकी एक दूसरे से बातचीत कर सकते है. इसके साथ-साथ इस ऐप की ये भी एक खासियत है कि पकड़े जाने की स्थिति में स्मार्ट फोन से इस ऐप के अंदर की इनफोर्मेशन को आसानी से डिलीट कर सकता है ताकि एजेंसियों के हाथ आतंकी के मूवमेंट की जानकारी न आ सके.
 
बता दें कि आईएसआई कश्मीर में घुसपैठ और हालिया आंतकी हमलों की संख्या में तेजी लाना चाहती है. इसके लिए उन्होंने घाटी में मौजूद आतंकियों से अपनी कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए है वही दूसरी और पाकिस्तानी सीमा से घुसपैठ के जरिये नए आंतकी को घुसाने की तैयारियां तेज की है. सूत्रों की माने तो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से 100 से ज्यादा आतंकी घुसपैठ के लिए  सीमा के किनारे बने हुए पाकिस्तानी लांचिंग पैंड में रूके हुए है. पाकिस्तान की योजना इन आतंकियों को 6 से 8छोटे छोटे ग्रुप में भारत में घुसपैठ कराने की है.
 
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