मुंबई. यरवदा जेल से गुरुवार को रिहा हुए संजय दत्त की बहन प्रिया दत्त ने कहा कि यह उनके परिवार के लिए एक भावुक दिन है और उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने अभिनेता के स्वागत में विशेष इंतजाम किए हैं. उन्होंने कहा कि काश, आज यह दिन देखने के लिए उनके पिता सुनील दत्त जीवित होते.

प्रिया ने कहा कि यह हमारे लिए यह बहुत भावुक दिन है. काश, यह दिन देखने के लिए मेरे पिता जीवित होते। यह उनके लिए सबसे खुशी का दिन होता. प्रिया ने कहा कि 23 साल हो गए हैं. उन्होंने (संजय दत्त ने) और हमने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. हमने बहुत संघर्ष किया है.

बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त को एके-56 राइफल रखने और फिर उसे नष्ट करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था. यह राइफल उन हथियारों और विस्फोटकों के जखीरे का हिस्सा थी, जो कि मार्च 1993 के श्रृंखलाबद्ध विस्फोटों से पहले भारत में आया था.

उस दौरान संजय कुछ समय के लिए जेल में रहे थे. सुप्रीम कोर्ट ने साल 2013 में विशेष अदालत द्वारा संजय को दोषी ठहराए जाने के फैसले को तो बरकरार रखा था लेकिन सजा को घटाकर पांच साल कर दिया. इसके बाद संजय ने अपनी बाकी की सजा काटने के लिए आत्मसमर्पण कर दिया.