सूरतः जिस उम्र में बच्चे खेल-कूद में व्यस्त होते हैं, बड़े होकर डॉक्टर, इंजीनियर बनने का सपना देखते हैं, उस उम्र में गुजरात के सूरत का रहने वाले भव्य शाह गुरुवार को जैन भिक्षु बन गए. दीक्षा ग्रहण कर सांसारिक मोह माया से दूर जा रहे भव्य के माता-पिता बेहद खुश हैं. उन्होंने बेटे के इस फैसले का स्वागत किया और इसके लिए धूमधाम से पवित्र आयोजन किया गया है.

12 साल के भव्य शाह ने इस बारे में कहा, ‘ईश्‍वर के दिखाए सच्‍चे मार्ग को अपनाकर मैं खुश हूं. मैं अपने माता-पिता को छोड़ रहा हूं क्‍योंकि उन्‍होंने मुझे सिखाया कि यही सच्‍चा मार्ग है. मुझे यकीन है कि मेरे पिता और मां भी एक दिन इसी मार्ग पर आएंगे.’ बता दें कि 7वीं कक्षा में पढ़ने वाले भव्य गुरुवार से जैन मुनि कहलाएंगे. उमरा स्थित जैन संघ में सुबह 8 बजे आचार्य रश्मिरत्नसूरी द्वारा भव्य को दीक्षा दी गई.

गौरतलब है कि इसी साल 24 मार्च को भव्य शाह की शानदार तरीके से फरारी गाड़ी में शोभा यात्रा निकाली गई थी. लग्जरी गाड़ियों और परफ्यूम के शौकीन भव्य चाहते थे कि उनकी शोभा यात्रा बेहद शानदार तरीके से निकले. उनके हीरा कारोबारी पिता दीपेश शाह के दोस्त जयेश देसाई ने अपनी फरारी गाड़ी भेजकर भव्य की इस इच्छा को पूरा किया. बता दें कि जयेश देसाई वहीं शख्स हैं जिन्होंने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की फरारी कार खरीदी थी.

तीन बच्चों (दो बेटे और एक बेटी) के पिता दीपेश शाह कहते हैं, ‘भव्‍य के दीक्षा संस्‍कार को लेकर हमारा परिवार काफी खुश है. चार साल पहले मेरी बेटी प्रियांशी ने 12 साल की उम्र में ऐसा ही किया था. भव्य को गुरुवार को 400-450 जैनमुनियों और करीब 7000 लोगों के बीच भव्‍य दीक्षा दी गई.’ बता दें कि एक व्यवसायी परिवार से ताल्लुक रखने वाले 24 साल के चार्टेड अकाउंटेंट (सीए) मोक्षेष शाह भी बीते माह अपना 100 करोड़ का व्यवसाय छोड़ जैन मुनि बन गए थे. मूल रूप से गुजरात के रहने वाले मोक्षेष ने 20 मार्च को दीक्षा ली थी.

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