आस्ताना. भारतीय पहलवानों ने यहां वर्ल्ड रेसलिंग चैम्पियनशिप के बैरेस एरेना में कई इतिहास रचे लेकिन सेमीफाइनल में बजरंग पूनिया के खिलाफ कई ग़लत फैसलों से उनके हाथ से स्वर्ण और रजत पदक निकल गये. अब उन्हें कांस्य पदक के मुक़ाबले में उतरना है. वहीं रवि भी सेमीफाइनल में हारने के बाद कांस्य पदक के मुक़ाबले में अपनी चुनौती रखेंगे जबकि पूजा ढांडा को कांस्य पदक के मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा. भारत के लिए यही राहत की बात है कि विनेश के बाद बजरंग और रवि ओलिम्पिक कोटा हासिल करने में सफल रहे. वर्ल्ड चैम्पियनशिप से तीन पहलवानों का कोटा हासिल करने का यह पहला अवसर है.

बजरंग को हराने की साजिश
पोलैंड, स्लोवानिया और उत्तर कोरिया के पहलवानों को पटखनी देने के बाद बजरंग गोल्ड के सबसे मज़बूत दावेदार आंके जा रहे थे. मगर पिछले साल के चैम्पियन कज़ाकिस्तान के दौलेत नियाज़बेकोव के हाथों वह 9-9 के स्कोर से हार गये. आखिरी अंक बजरंग ने ही हासिल किया था लेकिन बड़ा स्कोर अर्जित करने की वजह से नियाज़बेकोव फाइनल में जगह बनाने में सफल हो गये. मुक़ाबले में कई बार बजरंग के चेहर पर हाथ मारने को रेफरी ने नज़रअंदाज़ किया. दूसरे, वह गिरने के बाद उठने में समय ले रहे थे जिसका बजरंग ने कई बार विराध किया. तीसरे कज़ाक पहलवान को उनकी एक तकनीक पर चार अंक दिये गये जबकि उसमें ग्रिप बजरंग की भी थी. मगर इस बारे में आपत्ति दर्ज करने पर भारत का एक अंक और काट लिया गया. मुक़ाबले के आखिरी क्षणों मे बजरंग के लड़ने के अंदाज़ को देखकर साफ लग रहा था कि यह पहलवान अब ओलिम्पिक में पदक जीतने के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुका है. रेफरी के फैसलों से कुश्ती प्रेमी जनता बेहद निराश हुई.

रवि हैं भारत का भविष्य
वहीं रवि इस चैम्पियनशिप की खोज साबित हुए. एशियाई चैम्पियनशिप अंडर 23 के सिल्वर मेडलिस्ट रवि ने अपने हर दांव से यहां सबका दिल जीत लिया. उन्होंने पहले उत्तर कोरिया के किम सुन ग्वांग को तकनीकी दक्षता से शिकस्त दी. सुन एशियाई खेलों में मेडल राउंड तक पहुंचे थे. लगातार लेग अटैक करके उन्होंने सुन को अपने सामने टिकने ही नहीं दिया. दूसरे मुक़ाबले में उन्होंने यूरोपीय चैम्पियन अर्मेनिया के आर्सेन हरतूयुआन को 0-6 से पिछड़ने के बाद 17-6 से हराकर बहुत बड़ा उलटफेर किया. दूसरे राउंड में उनका अटैक और डिफेंस देखते ही बनते थे. क्वॉर्टर फाइनल में उनके सामने 2017 के वर्ल्ड चैम्पियन और एशियाई चैम्पियनशिप के मेडलिस्ट जापान के युकी ताकाहाशी सामने थे. रवि ने पहले ही राउंड में 6-1 की बढ़त बनाई और इंजरी की वजह से युकी इस राउंड के बाद मैदान छोड़कर चले गये. सेमीफाइनल में रवि के सामने वर्ल्ड चैम्पियन रूस के जावौर ऊगुए थे जिनके सामने चार अंक बटोरना और उन हावी होना काबिलेतारीफ बात थी. एक मौके पर उनके खिलाफ कलाजंग पर चार अंक की तकनीक लगना उनकी हार का बड़ा कारण साबित हुआ.

पूजा कांस्य का मुक़ाबला हारीं
पूजा ढांडा ने बेलारूस और जापान की पहलवानों को शानदार तरीके से हराया था लेकिन सेमीफाइनल में 2017 की यूरो चैम्पियन रूस की लिउबोव ओवचारोवा के हाथों 0-10 से हारने से उन्हें कांस्य पदक का मुक़ाबला लड़ना पड़ा जहां वह चीन की शिंग रू पेई से 3-5 से हार गईं.

साक्षी और दिव्या हारीं
महिलाओं में रियो ओलिम्पिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक 62 किलो वर्ग में कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद दूसरी बार नाइजीरया की अमिनात अदेनिवी से 7-10 से हारीं जबकि दिव्या काकरान 68 किलो में ओलिम्पिक चैम्पियन जापान की सारा दोशो के खिलाफ बहादुरी से लड़ी और उन्होंने अमिनात और दोशों के फाइनल में न पहुंच पाने की वजह से ये दोनों खिलाड़ी बाहर हो गईं.

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