मिताली ने हमेशा कहा है कि वह शादी के खिलाफ नहीं थीं, लेकिन वह ऐसे रिश्ते के खिलाफ थीं जिसमें एक महिला से उसकी पहचान और उसका जुनून छोड़ने की उम्मीद की जाए. उनका मानना था कि यदि उन्हें ऐसा जीवनसाथी मिलता जो उनके करियर का सम्मान करता और उनका समर्थन करता, तो वह शादी के लिए तैयार होतीं.
हाल के सालों में मिताली ने खुद को “हैप्पिली सिंगल” बताते हुए कहा है कि अब शादी उनकी प्राथमिकता नहीं है. उनका यह नजरिया कई लोगों, खासकर महिलाओं के लिए प्रेरणा बना है. महिला क्रिकेट के इतिहास की महानतम खिलाड़ियों में शामिल मिताली राज का यह फैसला दिखाता है कि उन्होंने सामाजिक दबाव से ऊपर उठकर अपने सपनों और आत्मसम्मान को चुना और साबित किया कि सफलता पाने के लिए व्यक्तिगत समझौता जरूरी नहीं होता.