RCB vs GT Final: साल 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत हुई थी. उसके बाद से ही लगातार हर साल आईपीएल खेला जा रहा है, जहां पर देश-विदेश के युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खेलने का मौका मिलता है. भारत के कई खिलाड़ियों ने आईपीएल से अपनी पहचान बनाई है, जिन्होंने आगे चलकर देश का नाम रौशन किया. पिछले 19 सालों से इस टूर्नामेंट में एक से बढ़कर एक युवा खिलाड़ी उभरकर सामने आए हैं, जो आज क्रिकेट का बड़ा चेहरा बन गए हैं. आज (31 मई) इस टूर्नामेंट के 19वें सीजन का भी अंत होने जा रहा है.
इस सीजन का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसमें डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस की भिड़ंत होगी. आप सभी को पता है कि फाइनल जीतने वाली टीम को चमचमाती ट्रॉफी मिलती है. हालांकि काफी कम लोग जानते हैं कि इस पर संस्कृत में कुथ लिखा होता है. जानें ट्रॉफी पर क्या लिखा है…
संस्कृत में ट्रॉफी पर क्या लिखा?
जब आईपीएल शुरू हुआ था, तो शुरुआती 3 सालों तक ट्रॉफी का डिजाइन काफी अलग था. उस समय ट्रॉफी का आकार भारत के नक्शे जैसा था. इस ट्रॉफी का इस्तेमाल 2008 से लेकर 2010 तक किया गया था. इसके बाद साल 2011 में ट्रॉफी के डिजाइन में बदलाव किया गया, जो अभी तक ऐसा ही चला आ रहा है. 2011 के बाद से ट्रॉफी के आकार में कोई बदलाव नहीं किया गया. उसी साल आईपीएल ट्रॉफी पर संस्कृत में एक लाइन लिखी गई थी, जिसमें गहरा संदेश छिपा हुआ है. ट्रॉफी पर संस्कृत में लिखा है, ‘यत्र प्रतिभा अवसरा प्राप्नोति’. इसका मतलब होता है, ‘जहां प्रतिभा को अवसर मिलता है.’ यह लाइन इस टूर्नामेंट की शुरुआत और मकसद के लिए बिल्कुल सही है. यह आईपीएल की ऑफिशियल टैगलाइन भी है.
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Just look at it 🤌
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— IndianPremierLeague (@IPL) May 30, 2026
चैंपियन टीम को नहीं मिलती असली ट्रॉफी!
हर सीजन में जब कोई टीम फाइनल जीतती है, तो उसे मंच पर असली आईपीएल ट्रॉफी दी जाती है. अक्सर लोगों को लगता है कि फ्रेंचाइजी उसी असली ट्रॉफी को अपने पास रखती है, लेकिन ऐसा नहीं है. दरअसल, असली ट्रॉफी हमेशा के लिए टीम के पास नहीं रहती है. फ्रेंचाइजी को ट्रॉफी के उसी डिजाइन की रेप्लिका दी जाती है. यह ट्रॉफी बिल्कुल असली ट्रॉफी की तरह ही होता है. वहीं, असली ट्रॉफी बीसीसीआई के पास ही रहती है. हर साल चैंपियन बनने वाली टीम का नाम असली ट्रॉफी के निचले हिस्से पर लिखा जाता है, जिससे वह आईपीएल इतिहास की गवाह बनी रहती है.