लंदनः भारतीय कप्तान विराट कोहली ने 2012 के सिडनी टेस्ट में हुए फिंगरगेट प्रकरण को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती मानी है. विस्डन क्रिकेट मंथली को दिए एक इंटरव्यू में कोहली ने उस घटना को याद करते हुए कहा कि वह बॉउंड्री पर खड़े थे और ऑस्ट्रेलियाई दर्शक उन्हें हूट कर रहे थे. उन्होंने भी प्रतिक्रिया देते हुए हूट कर रहे दर्शकों को अपनी बीच वाली उंगली दिखा दी. इस दौरान कैमरामैन ने इस घटना की वीडियो बना ली.

घटना के अगले दिन मैच रेफरी रंजन मदुगले ने कोहली को अपने केबिन में बुलाया और उनसे अखबार का पन्ना दिखाता हुए पूछा कि आखिर ये सब क्या है? कोहली ने आगे बताया कि शुरूआत में तो उन्हें समझ ही नहीं आया कि आखिर मैच रेफरी ने उन्हें बुलाया ही क्यों था. लेकिन जब रेफरी ने अखबार की हेडलाइन और फोटो दिखाते हुए कोहली से पूछा तो कोहली थोड़ी देर आवाक रह गए. कोहली ने रंजन को बताया कि वह एक तरह से दर्शकों के साथ चुहलबाजी और मजाक था. 

कोहली तब युवा थे और किसी भी प्रकार के बड़े विवाद से बचना चाहते थे. इसलिए उन्होंने इसके लिए तुरंत मैच रेफरी रंजन मदुगले से माफी मांग ली और कहा कि उन्हें बैन ना किया जाए. कोहली ने बताया कि रंजन एक अच्छे इंसान हैं और एक युवा खिलाड़ी को समझते हैं. इसलिए उन्होंने मुझे बिना किसी बड़ी सजा के चेतावनी देते हुए छोड़ दिया. कोहली ने तब भी माना था कि प्रतिक्रिया से बचा जा सकता था. हालांकि कोहली ने ट्वीट कर बताया था कि दर्शकों ने उन्हें मां-बहन की गालियां दी थी.

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