नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग का 11वां सीजन अभी खत्म हुए एक सप्ताह भी नहीं हुआ कि सट्टेबाजी का जिन्न एक बार फिर सामने आ गया है. सट्टेबाजी से जुड़े एक मामले में मुंबई, ठाणे क्रामइ ब्रांच ने बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के भाई अरबाज खान को समन भेजा है. पुलिस को इस मामले में कई और अभिनेताओं और क्रिकेटरों के शामिल होने का शक है. हालांकि वो जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा.

आपको बता दें कि आईपीएल-क्रिकेट में सट्टेबाजी या फिर मैच फिक्सिंग को खेल कोई नया नहीं है. इससे पहले भी दुनिया के इस सबसे बड़े घरलू टूर्नामेंट पर कई गंभीर आरोप लग चुके हैं. चाहे वो सट्टेबाजी हो या फिर मैच फीक्सिंग. आज हम आपको कुछ ऐसे दिग्गज भारतीय क्रिकेटरों के बारे में बताएंगे जिनका करियर मैच फीक्सिंग की वजह से खत्म हो गया.

एस श्रीसंत: टीम इंडिया के स्टार गेंदबाज रहे एस श्रीसंत का करियर भी मैच फिक्सिंग के आरोप की वजह से तबाह हो गया. श्रीसंत पर साल 2013 में आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए एक मैच के दौरान स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे थे. जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने आईपीएल के दौरान ही एस श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण को गिरफ्तार किया था. हालांकि बाद में दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट ने श्रीसंत समेत सभी 36 आरोपियों को बरी कर दिया.

मोहम्मद अजहरूद्दीन: हमारी इस सूची में पहला नाम मोहम्मद अजहरूद्दीन का है. 5 दिसंबर 2000 को अजय शर्मा के साथ मिलकर अजहर को मैच फिक्सिंग में उनकी भूमिका पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया. हालांकि 6 नवंबर 2012 में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय की ओर से अजहर पर लगाया गया प्रतिबंध हटा लिया गया.

मनोज प्रभाकर: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी रहे मनोज प्रभाकर पर भी मैच फिक्सिंग के आरोप लगे. 1997 में मनोज प्रभाकर पर 1994 में श्रीलंका में खेले गए मैच के दौरान फिक्सिंग कराने के लिए टीम के खिलाड़ियों को 25 लाख रुपए दिलाने की भी बात कही गई थी. इसके बाद मनोज प्रभाकर ने कपिल देव पर आरोप लगाया था कि उन्होंने ही उन्हें श्रीलंका में खेले गए मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ खराब प्रदर्शन करने को कहा था. इसके बाद इनपर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया गया.

अजय जडेजा: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी अजय जडेजा की गिनती शानदार फिल्डरों में होती है. अजहरूद्दीन के साथ ही अजय जडेजा को भी मैच फिक्सिंग का दोषी पाया गया जिसके बाद बीसीसीआई ने उन पर पांच साल का बैन लगा दिया. इसक बाद जडेजा ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. जब सुनवाई हुई तो किसी ने भी उनके केस की अगुवाई नहीं की जिसके बाद केस को बर्खास्त कर दिया गया. हालांकि बाद में जडेजा को घरेलू मैचों में खेलने की अनुमति दे दी गई थी.

अजय शर्मा: भारतीय क्रिकेट में अजय शर्मा ने प्रथम श्रेणी में 67.46 की औसत से सबसे तेज रन बनाने वाले बल्लेबाज माने जाते थे. घरेलू मैचों में उन्होंने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए. लेकिन मैच फिक्सिंग के आरोप लगने के बाद अजय शर्मा का क्रिकेट करियर पूरी तरह से खत्म हो गया.

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