T20 क्रिकेट में पहले 6 ओवर मैच की दिशा तय कर देते हैं, लेकिन पूरी सीरीज में भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत नहीं मिल पाई. कई बार ओपनर्स जल्दी आउट हुए और इसका दबाव आगे आने वाले बल्लेबाजों पर बढ़ गया. वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन जैसे बल्लेबाज फ्लॉप रहे.
बल्लेबाजी में नहीं दिखी निरंतरता
टीम इंडिया की बल्लेबाजी में सबसे बड़ी कमी लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाना रही. कुछ खिलाड़ियों ने अच्छी पारियां खेलीं, लेकिन हर मैच में कोई ऐसा बल्लेबाज नहीं मिला जो लंबे समय तक क्रीज पर टिककर पारी को संभाल सके. बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय साझेदारियां नहीं बन पाईं और टीम दबाव में आती चली गई.
भारतीय गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने खुलकर शॉट खेले. खासकर मिडिल ओवर और डेथ ओवर में रन रोकना मुश्किल रहा. शुरुआती सफलता मिलने के बाद भी भारत विपक्षी टीम पर लगातार दबाव नहीं बना पाया, जिसका फायदा इंग्लैंड ने बड़े स्कोर खड़े करके उठाया.
गंभीर-अय्यर की खराब रणनीति
पूरी सीरीज में भारत सही टीम कॉम्बिनेशन तलाशता नजर आया. बल्लेबाजी क्रम में बदलाव, खिलाड़ियों की भूमिका को लेकर असमंजस और गेंदबाजों के इस्तेमाल में कुछ फैसले टीम के लिए भारी पड़े. T20 क्रिकेट में हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका साफ पता होनी चाहिए, लेकिन भारत इस मामले में पूरी तरह स्थिर नहीं दिखा. श्रेयस अय्यर की खराब कप्तानी भी बड़ी वजह रही.
कई कैच छोड़े
इस सीरीज में दोनों टीमों के बीच सबसे बड़ा अंतर दबाव संभालने का रहा. जब मैच बराबरी पर था, तब इंग्लैंड ने बेहतर फैसले लिए और मौके को अपने पक्ष में किया. भारत की फील्डिंग इस सीरीज में काफी खराब रही. भारत ने इस सीरीज में कुल 5 कैच छोड़े. जो महंगे साबित हुए.