इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम इंडिया का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है. भारत को 7 जुलाई को हुए मुकाबले में 125 रन से हार का सामना करना पड़ा. लगातार हार के बाद अब हर तरफ यही चर्चा हो रही है कि आखिर टीम से गलती कहां हो रही है. कई एक्सपर्ट का मानना है कि बार-बार कप्तान बदलना, हर मैच में टीम बदलना और लगातार नए खिलाड़ियों को मौका देना टीम के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है. ऊपर से खिलाड़ियों की खराब फील्डिंग ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.
टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद बीसीसीआई ने टीम में कई बदलाव किए. कुछ अनुभवी खिलाड़ियों को बाहर बैठाया गया, जबकि कई नए चेहरों को लगातार मौका मिला. नए खिलाड़ियों को मौका देना जरूरी है, लेकिन अगर हर मैच में टीम बदलती रहे तो खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी प्रभावित होता है. टीम में कौन किस भूमिका में खेलेगा, यह भी साफ नहीं हो पाता.
फील्डिंग ने बढ़ाई मुश्किल
इस सीरीज में भारत की फील्डिंग सबसे बड़ी चिंता बनकर सामने आई है. आसान कैच छूटे, रन आउट के मौके गंवाए गए और मैदान पर कई छोटी-छोटी गलतियां देखने को मिलीं. बल्लेबाज भी दबाव में टिक नहीं पाए और गेंदबाज अपनी योजना के मुताबिक गेंदबाजी नहीं कर सके. इन सभी गलतियों का फायदा इंग्लैंड ने पूरी तरह उठाया.
गंभीर को क्या करने की जरूरत?
अभी यह कहना सही नहीं होगा कि टीम इंडिया पाकिस्तान या श्रीलंका जैसी स्थिति में पहुंच गई है, क्योंकि भारत के पास शानदार घरेलू क्रिकेट और अच्छे खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है. लेकिन अगर कप्तान बदलने, टीम में लगातार फेरबदल करने और खराब फील्डिंग का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा, तो आने वाले समय में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. अब जरूरत है कि बीसीसीआई और गौतम गंभीर एक स्थिर टीम तैयार करें, ताकि खिलाड़ी खुलकर खेल सकें और टीम फिर से जीत की राह पर लौट सके.