Suresh Raina Autobiography Belive : भारतीय क्रिकेट के धुरंधर खिलाड़ी सुरेश रैना की ऑटोबायोग्राफी ‘बिलीव’ आ चुकी है। पुस्तक का विमोचन एक इंस्टाग्राम लाइव के माध्यम से किया गया था जिसे सोमवार को प्रसारित किया गया था. क्रिकेटर ने अपने क्रिकेट करियर की एक झलक साझा की जिसमें सफलता, असफलता, चोट, झटके और वह इसके शीर्ष पर कैसे आए।

पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ अचानक से क्रिकेट को अलविदा कहने वाले रैना ने क्रिकेट जीवन के कई अनकही बातों का भी जिक्र किया है तो कई साथी क्रिकेटर्स से अपने रिश्तों के बारे में भी चर्चा की है। उन्होंने खुलासा किया कि कैसे बीसीसीआई, वरिष्ठ खिलाड़ियों और एयर इंडिया की छात्रवृत्ति ने उन्हें छात्र जीवन के दौरान एक क्रिकेटर के रूप में विकसित होने में मदद की।

जब फ्लाइट में हुआ एक मजेदार वाक्या

रैना जिक्र करते हुए लिखते हैं कि साल 2006 में एक फ्लाइट में सचिन और उनकी पत्नी अंजली के साथ सफर कर रहे थे। एक एयर होस्टेज ने आकर सचिन का ऑटोग्राफ लिया, और रैना की तरफ मुखातिब होकर पूछा, “अर्जुन आप कैसे हैं?”

रैना जबतक कुछ कहते सचिन ने कहा, “ये तो ठीक है लेकिन अंजलि नाराज रहती है कि पढ़ाई पर ध्यान नहीं देता।”

लेकिन जब थोड़ी देर के बाद एक अन्य यात्री सुरेश रैना के साथ फोटो खिंचवा रहे थे, तो एयर होस्टेज को मालूम पड़ा कि ये सचिन के बेटे अर्जुन नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ी सुरेश रैना हैं।

फैमली को समय देना था

उन्होंने यह भी कहा कि जल्दी संन्यास लेने का फैसला परिवार को समय देना और आईपीएल में क्रिकेट के एक छोटे कार्यकाल का आनंद लेना था। भरत सुंदरसन के सह-लेखक, सुरेश रैना ने यूपी के एक स्कूली बच्चे से भारत के लिए खेलने के सपने को जीने तक की अपनी यात्रा सुनाई। उन्होंने कहा कि उन्होंने सचिन तेंदुलकर से प्रेरित होकर ये Believe (विश्वास) लिया है जो उन्होंने टैटू के रूप में अपनी बांह पर बनवाया था जब चोट और खराब फॉर्म ने उन्हें बार-बार नीचे खींचा, तब भी इस शब्द ने उन्हें आगे बढ़ाया।

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