नई दिल्ली. भारतीय महिला हॉकी टीम की डिफेंडर सुनीता लाकड़ा ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय हॉकी से अपने संन्यास का ऐलान कर दिया है. 28 वर्षीय डिफेंडर साल 2008 से भारतीय महिला हॉकी टीम की एक महत्वपूर्ण सदस्य थीं लेकिन अब उन्होंने घुटने में इंजरी के कारण यह फैसला लिया है. उन्होंने पिछले ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया था लेकिन अब उनका टोक्यो ओलंपिक में भारत की तरफ से खेलने का सपना टूट गया है.

संन्यास लेने के बाद हॉकी इंडिया ने इनका बयान भी जारी किया है. जिसमें सुनीता लाकड़ा ने कहा- आज मेरे लिए बहुत ही भावुक दिन है क्योंकि मैंने अंतर्राष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेने का फैसला किया है. मैं 2008 से भारतीय महिला हॉकी टीम के साथ इस शानदार यात्रा का हिस्सा थी और इस यात्रा के दौरान हमने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. एक दूसरे को मजबूत रहने और प्रेरणा देने के लिए और सभी बाधाओं से लड़ने और देश के लिए प्रशंसा पाने के लिए हम बने रहे.

मैं 2016 में रियो ओलंपिक में खेलने के लिए बहुत भाग्यशाली थी जो कि 3 दशकों में भारत की पहली उपस्थिति रही. कई लोगों ने मुझे बताया कि यह भारत में महिला हॉकी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था लेकिन मुझे हमेशा विश्वास था कि यह टीम इतना अधिक हासिल कर सकती है. मुझे डॉक्टरों ने बताया है कि मुझे आने वाले दिनों में घुटने की एक और सर्जरी की आवश्यकता होगी और पूरी तरह से ठीक होने के लिए कितना समय लेगा यह अनिश्चित है. इसके साथ ही उन्होंने कहा इलाज के बाद मैं घरेलू हॉकी खेलना जारी रखुंगी.

साल 2008 के बाद से राष्ट्रीय टीम में लकड़ा ने 2018 एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भारत की कप्तानी की. यह साल 2018 में एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थीं. लाकड़ा ने अपने करियर में भारत के लिए 139 मैच खेले हैं.

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