दिल्ली. भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का बीसीसीआई अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. खबरों के मुताबिक ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा समिति की कुछ सिफारिशों को हटाकर  नए संविधान को मंजूरी दे दी है. इन बदलावों के बाद मौजूदा बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरव गांगुली का बीसीसीआई अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है.

पिछले कुछ समय से बीसीसीआई प्रसाशन में कई विवादों के चलते सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था. लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लेकर कई बार बीसीसीआई और सुप्रीम कोर्ट आमने सामने हो चुके हैं. जनवरी 2017 में बीसीसीआई प्रशासन में खामियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को बर्खास्त कर दिया था.

इधर बीसीसीआई पिछले कुछ समय से ऐसे व्यक्ति की तलाश में था जो बोर्ड के काम-काज को अच्छी तरह संभालने के अलावा सुप्रीम कोर्ट द्वारा बोर्ड के लिए तैयार की गई गाइडलाइन पर भी अमल करे.

बीसीसीआई को बोर्ड अध्यक्ष के रूप में बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरव गांगुली का नाम सबसे मुफीद लग रहा है. पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के करीबी रहे सौरव गांगुली क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के तीसरी बार अध्यक्ष है. इतना ही नहीं सौरव गांगुली को बोर्ड की तकनीकि समित, क्रिकेट सलाहकार समिति के अलावा आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल में काम करने का अनुभव है.

नये संविधान के अनुसार कूलिंग ऑफ पीरियड के कारण कई मौजूदा और पूर्व प्रशासक बोर्ड अध्‍यक्ष पद के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं. ऐसे में सौरव गांगुली की दावेदारी सबसे ज्यादा मजबूत दिख रही है. गांगुली अगर बीसीसीआई अध्यक्ष बने तो उन्हें क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल का अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ेगा.

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