वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में मिली 5 विकेट की हार के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टीम की कुछ कमियों पर खुलकर बात की. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 351 रन बनाए थे, लेकिन वेस्टइंडीज ने 48.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया. गिल ने सीरीज में टीम के प्रदर्शन को लेकर संतोष जताया, लेकिन साथ ही कहा कि कुछ चीजों में अभी सुधार की जरूरत है. गिल ने कहा कि काफी चीजें सही हुई हैं. मुझे लगता है कि कुछ ऐसी चीजें हैं जिनमें निश्चित रूप से थोड़ा सुधार करने की जरूरत है.
गिल ने कहा कि भारत ने अच्छा स्कोर बनाया था और मैच काफी समय तक टीम के नियंत्रण में था, लेकिन ओवर कम होने के कारण मुकाबले का रुख बदल गया. उन्होंने कहा, “मैं स्कोर से काफी खुश था. मुझे लगा कि मैच हमारे नियंत्रण में था. लेकिन चार ओवर पीछे होने और फिर आखिरी समय में ओवर कम होने से उन्होंने मैच हमसे छीन लिया. अगर ओवर कम नहीं होते तो शायद मुकाबला आखिरी ओवर तक जाता.” उन्होंने कुलदीप यादव को पहले गेंदबाजी पर नहीं लाने के फैसले पर भी सफाई दी.
फील्डिंग और डेथ बॉलिंग पर गिल की चिंता
भारतीय कप्तान ने टीम की फील्डिंग को लेकर चिंता जताई और बताया कि सीरीज में भारत ने करीब छह से सात कैच छोड़े. उन्होंने कहा, “हमारी फील्डिंग काफी बेहतर हो सकती है. पूरी सीरीज में हमने करीब छह या सात कैच छोड़े हैं, जो विश्व कप से पहले अच्छी बात नहीं है. आप चाहते हैं कि आपकी फील्डिंग शानदार हो.” गिल ने डेथ ओवरों में गेंदबाजी की रणनीति को भी सुधारने की जरूरत बताई. कभी-कभी हमें यह साफ नहीं होता कि हमें आक्रमण करना है या बचाव करना है, खासकर डेथ ओवरों में.”
अपने जल्दी आउट होने पर क्या बोले गिल?
तीसरे वनडे में गिल सिर्फ एक रन बनाकर आउट हो गए थे. उन्होंने कहा कि जल्दी आउट होने पर हमेशा निराशा होती है, लेकिन इस गेंद पर वह ज्यादा कुछ नहीं कर सकते थे; “जब भी आप जल्दी आउट होते हैं तो निराशा होती है. लेकिन आज मुझे नहीं लगता कि उस गेंद पर मैं कुछ और कर सकता था.” गिल को पूरी वनडे सीरीज में उनके प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया.