श्रेयस अय्यर ने कहा कि इस जीत के बाद वह बेहद खुश और उत्साहित हैं. उन्होंने बताया कि जापान पहुंचने के बाद लगातार तेज बारिश हो रही थी, जिसके कारण भारतीय टीम करीब एक सप्ताह तक ठीक से प्रैक्टिस नहीं कर पाई. इसके बावजूद खिलाड़ियों ने किसी तरह की शिकायत नहीं की और अपनी तैयारी जारी रखी. कप्तान के मुताबिक, खिलाड़ियों का बिना बहाना बनाए ट्रेनिंग करते रहना एक चैंपियन टीम की पहचान है. फाइनल में भी टीम ने इसी जज्बे के साथ प्रदर्शन किया.
अय्यूब के विकेट ने बदला मैच का रुख
पाकिस्तान की पारी के दौरान एक समय टीम तेजी से लक्ष्य की ओर बढ़ रही थी. अय्यर ने बताया कि उस समय वह जल्द से जल्द पांचवां गेंदबाजी ओवर पूरा करना चाहते थे, ताकि जसप्रीत बुमराह और वॉशिंगटन सुंदर जैसे प्रमुख गेंदबाजों को दोबारा अटैक पर लगाया जा सके. उन्होंने कहा कि जब रन रेट 13-14 रन प्रति ओवर के आसपास पहुंचता है, तो बल्लेबाज ज्यादा जोखिम लेते हैं. ऐसे में एक विकेट मैच का रुख बदल सकता है. पाकिस्तान के अय्यूब के आउट होने के बाद ऐसा ही हुआ और मुकाबले का पलड़ा भारत की ओर झुक गया.
कप्तान ने भारत की जीत को पूरी टीम का प्रयास बताया. उन्होंने अभिषेक शर्मा की तेज शुरुआत और तिलक वर्मा की शानदार फिनिशिंग की तारीफ की. गेंदबाजी में उन्होंने वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल और जसप्रीत बुमराह के योगदान को भी अहम बताया. अय्यर ने कहा कि फाइनल जैसे मुकाबले में हर खिलाड़ी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होती है और भारतीय खिलाड़ियों ने ऐसा करके दिखाया. अब टीम जीत का जश्न मनाने के लिए होटल लौटने का इंतजार कर रही है.