हार के बावजूद टीम में नहीं आई नकारात्मकता
शशांक ने बताया कि लगातार हार के बाद भी टीम के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा. श्रेयस अय्यर, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल और रिकी पोंटिंग जैसे अनुभवी लोगों ने टीम को सकारात्मक बनाए रखा. उन्होंने कहा कि मैदान पर प्रदर्शन जरूर खराब हुआ, लेकिन ड्रेसिंग रूम का माहौल सामान्य रहा. शशांक के मुताबिक, युवा खिलाड़ियों ने इन मुश्किल हालात से काफी कुछ सीखा. उन्होंने यह भी माना कि क्रिकेट में कभी-कभी चीजें आपके पक्ष में नहीं जातीं और खिलाड़ी होने के नाते ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है.
गेंदबाजी के मौके के लिए पहले से तैयार थे शशांक
शशांक ने अपनी गेंदबाजी को लेकर भी दिलचस्प बात बताई. चोट की वजह से वह पिछले साल ज्यादा घरेलू क्रिकेट नहीं खेल पाए थे, लेकिन इस बार उन्होंने गेंदबाजी के लिए खुद को पहले से तैयार रखा था. इम्पैक्ट प्लेयर नियम की वजह से उन्हें पता था कि जरूरत पड़ने पर वह छठे या सातवें गेंदबाज के तौर पर इस्तेमाल हो सकते हैं. जब अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड पंजाब के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बना रहे थे, तब शशांक ने श्रेयस अय्यर से कहा कि उन्हें एक-दो ओवर दिए जाएं और वह अपना काम करने की कोशिश करेंगे. उन्होंने बताया कि ऐसी परिस्थितियों की वह अभ्यास के दौरान कई बार कल्पना कर चुके थे, इसलिए मौका आने पर वह मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार थे.